Gut Health: पेट में हुई समस्या बन सकती है हार्ट अटैक की वजह, जानें मीट खाने का शौक कैसे जान के लिए है दुश्मन

Gut Health: पेट को हेल्दी रखना है तो इस बात का ध्यान रखें कि इसका कनेक्शन दिल से होता है। ऐसे में हार्ट अटैक का खतरा न बढ़ जाए इसके लिए जरूरी है कि आप अपने खान-पान और लाइफस्टाइल पर फोकस करें।

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Gut Health: अगर आप अपनी लाइफस्टाइल पर ध्यान दें तो निश्चित तौर पर एक निरोग जीवन जी सकते हैं लेकिन आजकल हम अपने स्वास्थ्य का ध्यान नहीं दे पाते हैं। इसकी वजह से पेट से संबंधित कई समस्याओं से लोगों को जूझना पड़ता है लेकिन क्या आपको पता है कि आपकी गट हेल्थ की वजह से हार्ट अटैक का खतरा काफी हद तक बढ़ जाता है। जी हां, डॉक्टर शुभम ने इस बारे में बात करते हुए लोगों को सलाह दी है और बताया है कि कैसे पेट में बैक्टीरिया आपके हार्ट अटैक की वजह बन सकती है।

कैसे मीट है गट हेल्थ के लिए खतरों का घर

गट हेल्थ ओर हार्ट अटैक के बारे में बात करते हुए डॉक्टर शुभम ने बताया कि आपके पेट के बैक्टीरिया यानी जब हम ज़्यादा रेड मीट या प्रोसेस्ड मीट खाते हैं तो यह TMAO नाम का एक केमिकल बनाते हैं। ट्राईमिथाइलमिन नाइट्रिकऑक्साइड केमिकल आर्टरीज़ में सूजन और ब्लॉकेज पैदा कर सकता है जिससे हार्ट अटैक का खतरा बढ़ सकता है।

पेट में हुई गड़बड़ी हार्ट डिजीज के लिए है रिस्की

इसके साथ ही गट हेल्थ के बारे में डॉक्टर ने कहा कि अगर पेट के अंदर की दीवार कमजोर हो जाए तो टॉक्सिंस खून में मिल सकते हैं। इससे शरीर में सूजन बढ़ती है और यह हार्ट डिजीज के लिए सबसे ज्यादा रिस्की होता है।

Gut Health के लिए किन टिप्स को रखें ध्यान

वहीं अगर आप पेट के स्वास्थ्य का ध्यान रखना चाहते हैं और हार्ट अटैक से बचना चाहते हैं तो आपको फाइबर रिच फूड्स का सेवन करना चाहिए जैसे फल, हरी सब्जियां, साबुत अनाज जो गुड बैक्टीरिया को बनाता है। इसके अलावा आप फर्मेंटेड फूड्स का सेवन कर सकते हैं जिसमें योगर्ट से लेकर छाछ तक शामिल है। रेड और प्रोसेस्ड फूड्स का सेवन कम से कम करें।

ऐसे में कहीं आपके भी हार्ट अटैक का रिस्क गट हेल्थ की वजह से तो नहीं है इसलिए आपको डॉक्टर की बात का ध्यान रखना जरूरी है।

Disclaimer: यह लेख और इसमें दी गई चिकित्सीय परामर्श केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है। यह किसी भी तरह से किसी योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इस लेख में बताए गए तरीकों और दावों को केवल सुझाव माना जाना चाहिए; डीएनपी इंडिया हिंदी न तो इनकी पुष्टि करता है और न ही खंडन करता है। ऐसे किसी भी सुझाव/उपचार/दवा/आहार का पालन करने से पहले हमेशा डॉक्टर से सलाह लें।

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