H1N1: बुखार नहीं बल्कि इमरजेंसी का रेड फ्लैग है ये चौंकाने वाले बदलाव, डॉक्टर ने बताया क्या करें और कब जान पर बन सकता है रिस्क

H1N1: बिना सोचे समझे डॉक्टर से सलाह लेते हैं लेकिन यह जान लेना आपको जरूरी है कि बुखार में पैनिक होने की जरूरत नहीं है बल्कि कुछ रेड फ्लैग्स को इग्नोर ना करना आपके लिए ज्यादा अहम है।

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Photo Credit- Google H1N1

H1N1: मानसून के साथ कई बीमारियों का खतरा आसपास में देखा जा रहा है। इसमें डेंगू मलेरिया टाइफाइड से लेकर इन्फ्लूएंजा H1N1 स्वाइन फ्लू का रिस्क बढ़ गया है। इस सबके बीच क्या आपको पता है कि क्या करना आपके लिए सही है और क्या करने से बचने की सलाह दी जाती है। यह जान लेना जरूरी है कि आपके लिए इसमें रेड फ्लैग क्या है। सिर्फ बुखार और सर्दी खांसी नहीं बल्कि इन चीजों से भी खतरे की घंटी का पता लगाया जा सकता है। आप यह समझ सकते हैं कि आखिर H1N1 का अटैक कहीं आप पर तो नहीं हुआ है।

क्या है इंफेक्शन के खतरनाक लक्षण

H1N1 के लक्षणों की बात करें तो बुखार गले में खराश, खांसी, शरीर में दर्द और कमजोरी इसके लक्षण हो सकते हैं लेकिन इन सभी लक्षणों के अलावा भी कई ऐसे रेड फ्लैग है जिन्हें इग्नोर करना आपकी सबसे बड़ी गलती हो सकती है जिस पर ध्यान देना जरूरी है।

कैसे करें स्वाइन फ्लू में बचाव

भरपूर आराम करने की सलाह दी जाती है। तरल पदार्थ का सेवन करें। बुखार होने पर डॉक्टर की सलाई से ही दवा लें। खांसते और छींकने के समय मुंह और नाक को ढके और बार-बार हाथ धोने की आदत डालें। बीमार बच्चों को स्कूल ना भेजने की सलाह दी जाती है। घर पर ज्यादा बेहतर रिकवर किया जा सकता है। घर में वेंटिलेशन अच्छी रखने की सलाह दी जाती है।

H1N1 में क्या नहीं करना आपके लिए है जरूरी

इस बारे में बात करते हुए एक्सपर्ट का कहना है कि बिना डॉक्टर की सलाह की कोई भी एंटीबायोटिक या एंटीवायरस दवाएं शुरू न करें। बच्चों को एस्पिरिन ना दे और बीमार बच्चों को भीड़भाड़ वाली जगह पर ले जाने से बचें। जहां तक हो सके पर्सनल चीजों को शेयर करने से बचें जैसे तौलिया साबुन आदि।

कब H1N1 को लेकर बढ़ सकता है रिस्क

अगर H1N1 में रेड फ्लेग्स की बात करें जो आपको जान लेना जरूरी है और बुखार को इमरजेंसी मानकर अगर आप परेशान हो रहे हैं तो इसे जानना ज्यादा जरूरी बताया गया है। अगर सांस लेने में दिक्कत हो रही है और बहुत तेजी से सांस फूल रहा है तो आपको खतरे को भाप लेना जरूरी है। इसके अलावा एक्सपर्ट का कहना है कि बच्चों को बहुत ज्यादा नींद में होना, उलझन में होना या उसे जगाने में मुश्किल होना रिस्की है। बार-बार उल्टी होना, कुछ भी पीने से मना करना और डिहाईड्रेशन भी लक्षण बताए गए हैं। दौरे पड़ना, बुखार या खांसी जो पहले थी और फिर अचानक बिगड़ जाए। कोई भी जोखिम जो हालत को और गंभीर बना रहा हो।

ऐसे में आप अपनों का ख्याल रख सकते हैं और H1N1 को लेकर पैनिक से बच सकते हैं।

Disclaimer: यह लेख और इसमें दी गई चिकित्सीय परामर्श केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है। यह किसी भी तरह से किसी योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इस लेख में बताए गए तरीकों और दावों को केवल सुझाव माना जाना चाहिए; डीएनपी इंडिया हिंदी न तो इनकी पुष्टि करता है और न ही खंडन करता है। ऐसे किसी भी सुझाव/उपचार/दवा/आहार का पालन करने से पहले हमेशा डॉक्टर से सलाह लें।

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