H1N1: दिल्ली में स्वाइन फ्लू इन्फ्लूएंजा को लेकर हड़कंप मचा हुआ है और हर तरफ इस वायरस ने नाक में दम कर दिया है। तेज बुखार, सर्दी-खांसी, जुकाम, नाक बंद, गला दर्द जैसी समस्याएं से लोगों को परेशानी देखने को मिल रही है लेकिन इस सब के बीच सबसे बड़ा सवाल यह होता है कि आप इसकी देखभाल किस तरह से करें। इस दौरान क्या खाना आपके लिए और रिस्की हो सकता है। आखिर इस दौरान किन चीजों का सेवन करें और क्या करना आपके लिए परेशानी की वजह बन सकती है। इस पर बात करते हुए डॉक्टर तुषार तायल एसोसिएट डायरेक्टर इंटरनल मेडिसिन सीके बिरला हॉस्पिटल गुरुग्राम ने प्रतिक्रिया दी है।
क्या है H1N1 और इसके लक्षण
H1N1 सांस से जुड़ी हुई संक्रामक बीमारी है जो खास तौर पर नाक गले और फेफड़ों पर असर डालती है। अगर किसी को h1 और फ्लू होता है। उसमें सर्दी-खांसी, जुखाम, बुखार, नाक बहना, नाक बंद, बदन दर्द, सिर दर्द थकान और कमजोरी जैसे लक्षण हो सकते हैं। कुछ लोगों को उल्टी और दस्त की भी समस्या होती है।
क्या खाने से स्वाइन फ्लू में होगा फायदा
डॉक्टर के मुताबिक स्वाइन फ्लू होने पर घबराने की जरूरत नहीं है आप आराम करें और शरीर को ठीक होने का समय दें। पानी और लिक्विड्स यानी नारियल पानी सूप और जूस का सेवन करें क्योंकि बुखार में पानी तेजी से निकलता है। शरीर को डिहाइड्रेटेड होने से बचाना जरूरी है। आपका खाना हल्का और आसानी से बचाने वाला होना चाहिए। अपनी डाइट में हरी-भरी सब्जियां, दलिया, खिचड़ी और गर्म सूप शामिल करें। विटामिन सी से भरपूर फलों का सेवन करें जिसमें संतरा और आंवला का नाम शामिल है। इसे इम्यूनिटी बूस्ट होती है ऐसे में बीमारी और इंफेक्शन से लड़ने की क्षमता सुधर जाती है
किन खाने के चीजों से H1N1 में है रिस्क
ऐसे में H1N1 को लेकर बात करते हुए डॉक्टर ने कहा कि जो दवाइयां आपको दी गई है उसका कोर्स पूरा करना आपके लिए जरूरी है। ऐसे में मरीजों को मसालेदार, तला हुआ खाना खाने से बचने की जरूरत है। ज्यादा तीखा खाना खाने से परहेज करें। फ्रिज का ठंडा खाना और शराब से दूर रहे क्योंकि यह गले में जलन बढ़ाते हैं और कफ की वजह बनती है। स्वाइन फ्लू एक से दूसरे में फैलता है ऐसे में सतर्कता ही एकमात्र उपाय है।
Disclaimer: यह लेख और इसमें दी गई चिकित्सीय परामर्श केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है। यह किसी भी तरह से किसी योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इस लेख में बताए गए तरीकों और दावों को केवल सुझाव माना जाना चाहिए; डीएनपी इंडिया हिंदी न तो इनकी पुष्टि करता है और न ही खंडन करता है। ऐसे किसी भी सुझाव/उपचार/दवा/आहार का पालन करने से पहले हमेशा डॉक्टर से सलाह लें।
