Intermittent Fasting: वेट लॉस में इंटरमिटेंट फास्टिंग का ट्रेंड बीते कुछ समय से लगातार देखा जा रहा है लेकिन क्या यह वाकई असरदार है। इसे लेकर डॉक्टर सौरभ शेट्टी ने कई जानकारी लोगों को देते हुए नजर आए जो आपको हैरत में डाल सकता है। अगर वेट लॉस और इसके अन्य फायदे को सुनने के बाद आप इसे फॉलो कर रहे हैं तो कहीं आप भी तो गलती नहीं कर रहे हैं। आइए जानते हैं आखिर इंटरमिटेंट फास्टिंग को लेकर किन सवालों का जवाब देते हुए डॉक्टर सौरभ शेट्टी ने लोगों के किन कंफ्यूजन को दूर किया है और यह निश्चित तौर पर हर किसी के लिए जरूरी है।
क्या इंटरमीडिएट फास्टिंग वाकई है वेट लॉस में कारगर
ऐसे में डॉक्टर जवाब देते हैं कि हां वेट लॉस में इंटरमिटेंट फास्टिंग कारगर है। अगर आप इसे सही तरीके से डॉक्टर की निगरानी में करते हैं तो इसका फायदा आपको मिल सकता है।
क्या इंटरमिटेंट फास्टिंग मूड और डिप्रेशन को करता है इंप्रूव
डॉ सौरभ शेट्टी ने बताया की इंटरमिटेंट फास्टिंग मूड और डिप्रेशन को शायद इंप्रूव कर सकता है लेकिन इस बारे में कोई भी दावा डॉक्टर की तरफ से नहीं किया गया है। ऐसे में यह हर व्यक्ति विशेष के लिए अलग-अलग कारगर साबित हो सकता है।
क्या वाकई इंटरमिटेंट फास्टिंग से बेस्ड कैंसर हो रहा कम
डॉ सौरभ शेट्टी ने इस सवाल का भी जवाब दिया है जहां यह पूछा गया कि क्या ब्रेस्ट कैंसर को कम करने के लिए यह प्रूव तरीका है। ऐसे में डॉक्टर ने कहा नहीं ऐसा नहीं है।
क्या इंटरमिटेंट फास्टिंग से होता है मसल्स लॉस
इंटरमिटेंट फास्टिंग से मसल्स लॉस होता है। क्या इंटरमिटेंट फास्टिंग के बाद वेट ट्रेनिंग की जरूरत नहीं पड़ती है तो ऐसे में डॉक्टर ने कहा यह कारगर है।
क्या अल्जाइमर डिस को इंटरमिटेंट फास्टिंग काम करता है
डॉ सौरभ के मुताबिक इंटरमिटेंट फास्टिंग अल्जाइमर रिस्क को कम कर सकता है लेकिन इस बारे में कोई भी दावा उन्होंने नहीं किया है।
क्या इंटरमिटेंट फास्टिंग के जरिए ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल को किया जा सकता है इंप्रूव
डॉ सौरभ शेट्टी ने इसका जवाब भी दिया है और कहा है कि इंटरमिटेंट फास्टिंग के जरिए आप अपने ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल को इंप्रूव कर सकते हैं यानी अगर डॉक्टर की निगरानी में यह किया जाए तो यह आपके लिए कारगर हो सकता है।
मेटाबोलिज्म और फैटी लिवर में क्या असरदार है इंटरमिटेंट फास्टिंग
हालांकि मेटाबॉलिज्म पर इसका कोई असर नहीं पड़ता है फैटी लीवर और इन्सुलिन रेजिस्टेंस में यह कारगर साबित होता है। एथलेटिक्स परफॉर्मेंस में यह फास्टिंग डेज में असर करता है और पीसीओएस को कंट्रोल करने में कारगर है।
Disclaimer: यह लेख और इसमें दी गई चिकित्सीय परामर्श केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है। यह किसी भी तरह से किसी योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इस लेख में बताए गए तरीकों और दावों को केवल सुझाव माना जाना चाहिए; डीएनपी इंडिया हिंदी न तो इनकी पुष्टि करता है और न ही खंडन करता है। ऐसे किसी भी सुझाव/उपचार/दवा/आहार का पालन करने से पहले हमेशा डॉक्टर से सलाह लें।
