Shashi Tharoor: ‘हमें स्पष्टता दीजिए..,’ भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर प्रियंका गांधी को थरूर का साथ, सरकार को कटघरे में खड़ा कर पूछे सवाल

Shashi Tharoor ने भारत-अमेरिका ट्रेड डील को लेकर सरकार की भूमिका पर सवाल खड़ा करते हुए प्रियंका गांधी की सुर में सुर मिलाए हैं। शशि थरूर ने सरकार से स्पष्टता की मांग की है।

Shashi Tharoor

Picture Credit: गूगल (प्रियंका गांधी & शशि थरूर - सांकेतिक तस्वीर)

Shashi Tharoor: वाशिंगटन से लेकर नई दिल्ली तक भारत-अमेरिका के बीच हुई ट्रेड डील की चर्चा जोरों पर है। जहां एक ओर भारत सरकार इस नई ट्रेड डील की गुणगान कर रही है, तो वहीं विपक्ष सवालों के अंबार खड़ा कर रहा है। इसी क्रम में प्रियंका गांधी को कांग्रेस सांसद शशि थरूर का साथ मिला है। शशि थरूर ने इंडिया-अमेरिका ट्रेड डील पर तल्ख टिप्पणी करते हुए भारत सरकार से स्पष्टता देने की अपील की है। शशि थरूर ने आगे कहा कि देश को नहीं पता कि समझौते में क्या है। पीएम मोदी और डोनाल्ड ट्रंप का ट्विट क्या संसदीय लोकतंत्र के लिए काफी है।

भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर Shashi Tharoor की प्रतिक्रिया

कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने विपक्ष की भूमिका निभाते हुए भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर प्रियंका गांधी की सुर में सुर मिलाए हैं।

शशि थरूर ने दिल्ली में मीडिया से बात करते हुए कहा कि “मैं जानना चाहता हूं कि इसमें क्या शामिल है। विपक्ष सिर्फ स्पष्टता मांग रहा है। हमें नहीं पता कि समझौते में क्या है। हमारे पास ट्रंप और पीएम मोदी के ट्वीट हैं। क्या संसदीय लोकतंत्र में इतना काफी है? क्या भारत सरकार को आकर देश की जनता को नहीं समझाना चाहिए कि समझौते में क्या है? ट्रंप कहते हैं कि यह कृषि के लिए है, तो भारतीय किसानों के लिए क्या सुरक्षा उपाय हैं? ट्रंप 500 अरब अमेरिकी डॉलर की बात कर रहे हैं, जबकि हमारा पूरा आयात बिल 700 अरब डॉलर है। तो क्या हम दूसरे देशों से खरीदना बंद कर दें? अगर यह अच्छी खबर है तो हम जश्न मनाना चाहेंगे, लेकिन हमें स्पष्टता दीजिए।”

प्रियंका गांधी ने नए समझौते पर सवाल खड़ा कर दी तल्ख प्रतिक्रिया

दोनों देशों के बीच हुई नई ट्रेड डील पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रियंका गांधी ने सरकार की भूमिका पर सवाल खड़ा किए हैं।

वायनाड सांसद का कहना है कि “अमेरिकी किसानों के प्रोडक्ट अब भारतीय बाजार में बिकेंगे जिससे ग्रामीण अमेरिका में पैसा आएगा। इस डील से ट्रंप ने अमेरिकी किसानों के लिए फायदा सुनिश्चित किया है। भारत के करोड़ों किसान जानना चाहते हैं कि इस व्यापार समझौते की शर्तें क्या हैं? क्या मोदी सरकार भारतीय कृषि क्षेत्र को पूरी तरह अमेरिका के लिए खोलने जा रही है? क्या सरकार भारतीय किसानों को अमेरिकी कंपनियों के साथ सीधी प्रतिस्पर्धा में झोंकेगी? क्या हमारे किसानों के हितों से समझौता किया गया है? जनता के सामने तत्काल स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।”

इससे इतर भी शशि थरूर जैसे तमाम अन्य विपक्षी नेता भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर सरकार का पक्ष जानना चाह रहे हैं।

Exit mobile version