India US Trade Deal: बहुप्रतिक्षित ट्रेड डील पर अंतत: आधिकारिक मुहर लग गई है। अमेरिका ने भारत पर लगने वाले टैरिफ को 50 फीसदी से कम कर सीधे 18 फीसदी किया है। इंडिया यूएस ट्रेड डील का यूं फाइनल होना दुनिया को बेचैन करने वाला है। चीन, पाकिस्तान और बांग्लादेश समेत अन्य कई मुल्क भारत-अमेरिका की इस डील को लेकर हैरान हैं। ये उन देशों में शामिल हैं जो भारत-अमेरिका के बीच व्यवसाय पटरी पर लौटने से प्रभावित होंगे। प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने खुद ट्रेड डील की घोषणा कर अंतिम क्षण में बाजी पलट दी। ऐसे में आइए हम आपको बताते हैं कि इस डील का असर आगामी समय में क्या होगा।
चीन, पाकिस्तान और बांग्लादेश पर क्या होगा India US Trade Deal का असर?
भारत और अमेरिका के बीच हुई ट्रेड डील का दुनिया के कई देशों पर असर पड़ सकता है। इसमें भारत के पड़ोसी चीन, पाकिस्तान और बांग्लादेश का नाम अहम है। दरअसल, टैरिप की मार ने अमेरिकी मार्केट में प्रतिस्पर्द्धा का दौर छेड़ दिया है। अब नई ट्रेड डील के बाद भारतीय गारमेंट्स पर अमेरिका में 18 फीसदी टैरिफ लगेगा।
बांग्लादेश और श्रीलंका पर 20 फीसदी, पाकिस्तान पर 19 फीसदी और चीन पर टैरिफ की दर 34 फीसदी है। ऐसी स्थिति में भारतीय वस्तुओं को बढ़ावा मिलना तय है। ऐसी स्थिति में चीन के साथ पाकिस्तान और बांग्लादेश को आर्थिक मोर्चे पर चोट पहुंच सकती है। अमेरिका के इस कदम से भारत का निर्यात बढ़ने की संभावना है जो पड़ोसियों के लिए झटका साबित होगा।
प्रेसिडेंट ट्रंप ने अंतिम झटके में पलटी बाजी!
कई मौकों पर खुलकर ट्रेड डील का जिक्र कर चुके डोनाल्ड ट्रंप ने अंतिम झटके में बाजी पलट दी है। पहले भारत पर 25 फीसदी टैरिफ और फिर रूसी तेल खरीदने के बदले लगी 25 फीसदी टैरिफ को कम कर 18 फीसदी किया गया है। अमेरिका इससे पहले भारत से निर्यात पर 50 फीसदी टैरिफ की वसूली करता था। हालांकि, अब नई ट्रेड डील में टैरिफ की रकम 18 फीसदी कर दी गई है।
डोनाल्ड ट्रंप द्वारा आखिरी मौके पर पलटी गई बाजी के बाद दुनिया की नजरें इंडिया यूएस ट्रेड डील पर टिकी हैं। इस संदर्भ में कई आधिकारिक ऐलान होने अभी बाकी हैं। हालांकि, प्रेसिडेंट ट्रंप की रुख से स्पष्ट है कि भारत-अमेरिका का कारोबार अब नई ऊंचाई छू सकता है। दोनों देशों के बीच जो आपसी व्यापार 131.84 अरब डॉलर का है उसे 2030 तक 500 अरब डॉलर पहुंचाने का लक्ष्य है।
