Pneumonia: बड़े-बुजुर्ग, छोटे बच्चे और पहले से किसी गंभीर बीमारी से पीड़ित लोगों के लिए निमोनिया का खतरा सबसे ज्यादा होता है। क्या इससे बचने में वैक्सीन आपके लिए मददगार बन सकता है। दरअसल डॉ रणदीप गुलेरिया का कहना है कि वैक्सीन से खतरा कम हो जाता है लेकिन इसके जरूरी होता है कि आखिर कब और किसे टीका लगवाना जरूरी है।
क्या है निमोनिया जिसका खतरा फेफड़ों पर
फेफड़ों में होने वाला एक गंभीर संक्रमण जिसमें आपकी इम्यूनिटी और भी कमजोर हो जाती है। यह छोटे बच्चों से लेकर बुजुर्ग और उन लोगों में ज्यादा होने का खतरा होता है जिन्हें पहले से कोई गंभीर बीमारी है।
कौन है बीमारी के घेरे में सबसे ज्यादा
निमोनिया से बचने के लिए समय पर टीका लगवाना बेहद जरूरी बताया गया है। डॉ गुलेरिया ने बताया कि निमोनिया के संक्रमण से बचने के लिए समय पर टीका लगवाने से फायदा हो सकता है। इसके लिए अलग-अलग वैक्सीन मौजूद है जो जोखिम को काफी हद तक करते हैं। एक्सपोर्ट के मुताबिक अगर किसी को डायबिटीज, अस्थमा या दिल की बीमारी है या कोई भी क्रॉनिकल डिजीज है तो उन्हें वैक्सीन लगवाना सबसे ज्यादा जरूरी है। इसके अलावा छोटे बच्चे, बड़े बुजुर्ग में खतरा ज्यादा होता है।
कैसे निमोनिया में वैक्सीन से होता है फायदा
ऐसे में तुरंत डॉक्टर से संपर्क करने की जरूरत है ताकि समय रहते इसका इलाज
संभव हो सके। ऐसे लोगों में निमोनिया गंभीर हो सकता है। वहीं डॉक्टर गुलेरिया ने कहा कि निमोनिया का वैक्सीन लगाने से अगर आप बीमार पड़ते भी है तो आपको अस्पताल के बेड तक पहुंचाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इससे इंफेक्शन फैलने का खतरा काफी हद तक कम हो जाता है। इससे बीमारी पैदा करने वाले कुछ खास संक्रमणों से बचाव में मदद मिलता है जैसे न्यूमोकोकल बीमारी, इन्फ्लूएंजा शामिल है।
कैसे निमोनिया में खुद को बचाएं
वहीं कहा जाता है कि निमोनिया के दौरान स्मोकिंग हवा के प्रदूषण धूल या हानिकारक हुए से बचने की सलाह दी जाती है स्वच्छता का ध्यान रखना जरूरी बताया जाता है ताकि आपके फेफड़ों पर इसका असर न पड़े।
Pneumonia के खिलाफ कौन सी वैक्सीन है बेस्ट
हालांकि एक्सपर्ट ने इस दौरान यह भी बताया कि निमोनिया में कौन सा वैक्सीन और शेड्यूल आपके लिए सही है यह आपकी उम्र, स्वास्थ्य की स्थिति और टीकाकरण निर्भर करता है। ऐसे में डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।
Disclaimer: यह लेख और इसमें दी गई चिकित्सीय परामर्श केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है। यह किसी भी तरह से किसी योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इस लेख में बताए गए तरीकों और दावों को केवल सुझाव माना जाना चाहिए; डीएनपी इंडिया हिंदी न तो इनकी पुष्टि करता है और न ही खंडन करता है। ऐसे किसी भी सुझाव/उपचार/दवा/आहार का पालन करने से पहले हमेशा डॉक्टर से सलाह लें।
