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Stroke को नॉर्मल समझ इस एक दवा को खाने से करें तौबा, डॉक्टर प्रियंका से जानें कैसे शरीर का सुन्नपन बन सकता है लकवे के लिए ग्रीन सिग्नल

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Photo Credit- Google Stroke

Stroke: बिना सोचे समझे किसी भी दवाई को लेने से पहले आपको सावधान रहने की जरूरत होती है। अगर आपको हाथ पैर में सुन्नपन के लक्षण नजर आ रहे हैं तो फर्स्ट एड के तौर पर एस्प्रिन ना लें। जी हां, एस्प्रिन लेने से परहेज करने की चेतावनी देते हुए डॉक्टर प्रियंका सेहरावत ने इस वीडियो में लोगों को आगाह करती हुई नजर आई। उन्होंने बताया कि इंसुलिन लेने की बजाय हाथ पैर सुन्न होने पर क्या करें और इसकी वजह क्या हो सकती है। कहीं ना कहीं लोग नजरअंदाज करने की कोशिश करते हैं। आइए जानते हैं स्ट्रोक को लेकर आखिर लोगों को क्या चेतावनी देती हुई दिखी डॉक्टर प्रियंका।

Stroke के हो सकते हैं ये लक्षण

वीडियो में एक मरीज यह कहते हुए नजर आता है कि हाथ सुन्न पड़ रहे हैं पैर सुन्न पड़ रहे हैं। मुट्ठी नहीं बंद हो रही है। मैंने वह वीडियो देखी थी मैं एस्प्रिन ले लेता हूं जिस पर डॉक्टर प्रियंका कहती है अरे रुको एस्प्रिन एक ब्लड थिनर है और ब्लड थिनर क्लॉट को डिसोल्व करने के लिए दिया जाता है लेकिन जो पैरालिसिस आपको हो रहा है जो सुन्नपन हो रही है मुट्ठी बंद नहीं कर पा रहे हैं यह स्टॉक के सिम्टम्स हैं। डॉ प्रियंका कहती है कि स्टॉक जैसे लक्षण होने पर घर पर एस्प्रिन ना ले। यह लक्षण एक तरफ से कमजोरी, सुन्नपन, झुनझुनी बोलने में दिक्कत, चेहरे का टेढ़ा होना वगेरह हो सकते हैं।

कैसे स्ट्रोक के लिए खतरे का घर है एस्प्रिन

डॉ प्रियंका स्ट्रोक के दो प्रकार के बारे में बात करते हुए नजर आई। वह कहती है कि एक क्लॉट की वजह से स्टॉक होता है और एक खून की नली फटने की वजह से होता है जिसे हम ब्रेन हेमरेज कहते हैं। यह बड़ी परेशानी बन सकता है। पैरालिसिस अटैक बाद में दौरा और यह सिम्टम्स बढ़ने लगेंगे जिसकी वजह से आपको और परेशानियां हो सकती है। ऐसे में लकवे की शिकायत है तो घर में दवाई लेने की बजाय हॉस्पिटल जाने की सलाह डॉक्टर प्रियंका देती देती है।

जाहिर तौर पर बिना सोचे समझे दवा लेने वाले लोगों को डॉक्टर प्रियंका ने एक बड़ी चेतावनी दी है।

Disclaimer: यह लेख और इसमें दी गई चिकित्सीय परामर्श केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है। यह किसी भी तरह से किसी योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इस लेख में बताए गए तरीकों और दावों को केवल सुझाव माना जाना चाहिए; डीएनपी इंडिया हिंदी न तो इनकी पुष्टि करता है और न ही खंडन करता है। ऐसे किसी भी सुझाव/उपचार/दवा/आहार का पालन करने से पहले हमेशा डॉक्टर से सलाह लें।

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