Abhijeet Dipke: महाराष्ट्र में CJP के संयोजक अभिजीत दिपके की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। लातूर जिले के औसा इलाके में एक सरकारी स्कूल में कथित तौर पर बिना अनुमति प्रवेश करने, स्कूल के कामकाज में बाधा डालने और शिक्षकों को धमकाने के आरोप में उनके खिलाफ FIR दर्ज की गई है। इस मामले में दीपके के साथ पांच अन्य लोगों को भी आरोपी बनाया गया है।
मालूम हो कि सीजेपी अलग-अलग राज्यों में जाकर स्कूलों की निरीक्षण कर रहे है। इससे पहले सीजेपी प्रवक्ता आशुतोष रांका और उनकी टीम से गांवालों ने मारपीट की थी। वहीं अब इसे लेकर एक बार फिर सियासत पूरी तरह से गरमा गई है। चलिए आपको बताते है इससे जुड़ी सभी अहम जानकारी।
क्या है पूरा मामला?
जानकारी के मुताबिक, यह मामला औसा के पास जावली स्थित जिला परिषद उर्दू स्कूल से जुड़ा है। शिकायत एक 53 वर्षीय शिक्षिका ने दर्ज कराई है। आरोप है कि अभिजीत दीपके और उनके सहयोगी बिना अनुमति स्कूल में पहुंचे और छात्रों के बीच बैठकर उनसे सवाल-जवाब करने लगे। शिकायत के अनुसार, इस दौरान स्कूल की पढ़ाई और प्रशासनिक काम प्रभावित हुआ।
आरोप यह भी है कि स्कूल में हुई गतिविधियों की वीडियो रिकॉर्डिंग की गई और उसे सोशल मीडिया पर साझा किया गया। शिकायत में शिक्षकों को निलंबित कराने की धमकी देने और स्कूल में कथित अनियमितताओं को लेकर आपत्तिजनक तरीके से सवाल उठाने का भी आरोप लगाया गया है।
किन धाराओं में दर्ज हुआ केस?
पुलिस ने अभिजीत दीपके और अन्य आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता यानी BNS की धारा 132, 329(3), 351(2) और 356(2) के तहत मामला दर्ज किया है। इन धाराओं में सरकारी काम में बाधा डालने, कथित तौर पर डराने-धमकाने और अन्य संबंधित आरोपों से जुड़े प्रावधान शामिल हैं। हालांकि, FIR में लगाए गए आरोप अभी आरोप मात्र हैं और मामले की जांच के बाद ही पूरी स्थिति स्पष्ट होगी।
अभिजीत दिपके पिछले कुछ समय से महाराष्ट्र के सरकारी स्कूलों की स्थिति को लेकर ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान चला रहे हैं। वह लातूर समेत कई इलाकों के सरकारी स्कूलों का दौरा कर वहां की व्यवस्थाओं और कथित खामियों को सामने रख रहे हैं।
इसी अभियान के दौरान जावली के स्कूल का दौरा भी किया गया था। दिपके की तरफ से स्कूल में कथित अनियमितताओं और सुविधाओं को लेकर सवाल उठाए गए थे।
