Anurag Dhanda: ई20 पेट्रोल को लेकर आम आदमी पार्टी लगातार केंद्र सरकार को घेरने में लगी हुई है। बता दें कि आज दिल्ली के कांस्टीट्यूशन क्लब में आम आदमी पार्टी ने टाउनहॉल मीटिंग की। इस मीटिंग में आप के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी Anurag Dhanda, दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और देश भर से कई एक्सपर्ट, वाहन मालिक और इस नीति से प्रभावित हुए लोग शामिल हुए। आम आदमी पार्टी की ओर से दावा किया गया कि 6 लाख से अधिक लोग इस कार्यक्रम में शामिल हुए। बता दें कि ई20 पेट्रोल को लेकर पार्टी लगातार केंद्र सरकार पर सवाल उठा रही है।
ई20 पेट्रोल को लेकर Anurag Dhanda का पलटवार
आप नेता Anurag Dhanda ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर जानकारी देते हुए लिखा कि “लाखों रुपये की महंगी गाड़ियाँ ख़राब हो रही हैं, लोग परेशान हैं।
लाखों रुपये की महंगी गाड़ियाँ ख़राब हो रही हैं, लोग परेशान हैं। लेकिन E20 को लेकर मोदी सरकार अपनी ज़िद पर अड़ी है।
आइए, अरविंद केजरीवाल के साथ National Townhall में शामिल होकर अपनी बात सरकार तक पहुँचाइए।
🗓️ 1 अगस्त
⏰ सुबह 11:30 बजे
📍 Constitution Club, New Delhiदिल्ली नहीं… pic.twitter.com/RNlYedE7sQ
— Anurag Dhanda (@anuragdhanda) August 1, 2026
लेकिन E20 को लेकर मोदी सरकार अपनी ज़िद पर अड़ी है। आइए, अरविंद केजरीवाल के साथ National Townhall में शामिल होकर अपनी बात सरकार तक पहुँचाइए”।
मीटिंग के बाद क्या बोले अरविंद केजरीवाल
मीटिंग के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए आप संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा कि “आज की टाउन हॉल मीटिंग में लोगों ने तीन मांगें रखीं। पहली, पेट्रोल पंपों पर ग्राहकों के पास चुनाव करने का विकल्प होना चाहिए। जो लोग E20 फ्यूल चाहते हैं, वे E20 खरीद सकें, और जो लोग शुद्ध पेट्रोल पसंद करते हैं, उनके पास शुद्ध पेट्रोल खरीदने का विकल्प हो। दूसरी, E20 फ्यूल की कीमत शुद्ध पेट्रोल से कम होनी चाहिए। तीसरी, ग्लोबल क्रूड ऑयल की कीमतें कम होने के कारण, पेट्रोल की रिटेल कीमत 84 रुपये प्रति लीटर से कम होनी चाहिए।
VIDEO | Delhi: Addressing a press conference, AAP national convenor Arvind Kejriwal, says, “At today’s town hall, people put forward three demands. First, consumers should have a choice at petrol pumps… those who want E20 fuel should be able to buy E20, while those who prefer… pic.twitter.com/fUGnW2qseA
— Press Trust of India (@PTI_News) August 1, 2026
अगर इथेनॉल किसी भी नज़रिए से फ़ायदेमंद नहीं है, तो इसे बढ़ावा क्यों दिया जा रहा है? इथेनॉल की वजह से लोगों को परेशानी हो रही है। यह पेट्रोल से ज़्यादा महंगा है, कम माइलेज देता है, इससे किसानों को कोई फ़ायदा नहीं होता और न ही विदेशी मुद्रा की बचत होती है। इसके अलावा, इथेनॉल बनाने वाले प्लांट के आस-पास के इलाकों में ग्राउंडवॉटर के प्रदूषित होने की भी बात सामने आई है”।
