Anurag Dhanda: आम आदमी पार्टी ने एक बार फिर दिल्ली सरकार पर गंभीर आरोप लगाया है। दरअसल आप नेता Anurag Dhanda ने दिल्ली सरकार पर कथित चावल घोटाला करने का आरोप लगाया है। जिसके बाद कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई है। इसके साथ ही आम आदमी पूरी तरह से रेखा गुप्ता सरकार पर हमलावर नजर आ रही है।
दिल्ली की राजनीति में चावल को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। सोशल मीडिया पोस्टों में पार्टी की ओर से कथित तौर पर 22,000 करोड़ रुपये के चावल घोटाले का मुद्दा उठाया गया है। डीएनपी मीडिया इस आंकड़े की पुष्टि नहीं करता है।
Anurag Dhanda का दिल्ली सरकार पर गंभीर आरोप
आप नेता Anurag Dhanda ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर जानकारी देते हुए लिखा कि
“चावल चोर कहाँ मिलेंगे, बीजेपी के दफ़्तर में”
दिल्ली विधानसभा परिसर में AAP विधायकों का @gupta_rekha सरकार के चावल घोटाले के खिलाफ विरोध प्रदर्शन। pic.twitter.com/3coloKPPsK
— Anurag Dhanda (@anuragdhanda) August 11, 2026
“चावल चोर कहाँ मिलेंगे, बीजेपी के दफ़्तर में दिल्ली विधानसभा परिसर में AAP विधायकों का रेखा गुप्ता सरकार के चावल घोटाले के खिलाफ विरोध प्रदर्शन “। इसी मुद्दे को लेकर आप नेताओं ने बीजेपी सरकार से सरकारी चावल के स्टॉक, उसके वितरण और रिकॉर्ड को लेकर जवाब मांगा है।
क्या है पूरा मामला
दरअसल आप नेता सौरभ भारद्वाज ने न्यूज एजेंसी एएनआई से बात करते हुए कहा कि “दिल्ली सरकार ने असम की एक कॉर्पोरेशन के सहयोग से दिल्ली के सबसे गरीब लोगों को तीन साल तक दिए जाने वाले चावल राशन से वंचित करने की पूरी योजना बनाई। इसमें कथित तौर पर करीब 22,000 करोड़ रुपये के चावल की बिक्री शामिल थी, जिसमें कमीशन और ब्रोकरेज लगभग 11,000 करोड़ रुपये का था।
दिल्ली सरकार ने असम की एक कॉर्पोरेशन के सहयोग से दिल्ली के सबसे गरीब लोगों को तीन साल तक दिए जाने वाले चावल राशन से वंचित करने की पूरी योजना बनाई
इसमें कथित तौर पर करीब 22,000 करोड़ रुपये के चावल की बिक्री शामिल थी, जिसमें कमीशन और ब्रोकरेज लगभग 11,000 करोड़ रुपये का था…
इस… pic.twitter.com/ZIiUc9jkSK— Saurabh Bharadwaj (@Saurabh_MLAgk) August 9, 2026
इस पत्र के अनुसार, दिल्ली सरकार ने कहा कि असम की एक कॉर्पोरेशन भारतीय खाद्य निगम / FCI से बहुत कम, अत्यधिक सब्सिडी वाली दर पर चावल खरीदेगी। यह चावल फिर दिल्ली के प्रवासी मजदूरों, बेघरों और दिहाड़ी मजदूरों में बांटा जाएगा। हालांकि, ये हजारों टन चावल आते रहे और कथित तौर पर हरियाणा की एक निजी कंपनी को दोगुनी कीमत पर बेच दिए गए”।
