Bengal Election Results 2026: असम के साथ तमिलनाडु, केरल और पुदुचेरी चुनाव परिणाम को छोड़कर सबकी नजरें बंगाल पर टिकीं हैं। देश के ज्यादातर हिस्सों में बंगाल विधानसभा चुनाव परिणाम को लेकर लोग तमाम तरह की संभावनाएं व्यक्त कर रहे हैं। टीएमसी-बीजेपी के बीच यहां कड़ी टक्कर है और एग्जिट पोल में बीजेपी को बढ़त मिलने का अनुमान है।
4 मई को नतीजों की घोषणा होगी उससे पहले काउंटिंग टेबल पर वर्चस्व को लेकर कानूनी तलवारें खिंचती नजर आ रही हैं। ममता बनर्जी की टीएमसी ने केन्द्रीय पर्यवेक्षकों की तैनाती के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। खबर लिखे जाने तक कोर्ट की स्पेशल बेंच मामले की सुनवाई शुरू कर चुकी है। अब देखना दिलचस्प होगा कि आगे क्या होता है।
Bengal Election Results 2026 की घोषणा से पहले SC पहुंची TMC
ममता बनर्जी की पार्टी बंगाल में लगातार चौथी पार सत्ता हासिल करने के लिए पूरी दम-खम के साथ मैदान में है। इसी बीच चुनावी नतीजों की घोषणा से पहले टीएमसी ने केन्द्रीय पर्यवेक्षकों की तैनाती के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। टीएमसी की ओर से याचिका में वोटों की गिनती के लिए केंद्र सरकार और पब्लिक सेक्टर अंडरटेकिंग के कर्मचारियों को सुपरवाइजर के तौर पर तैनात करने को चुनौती दी गई है।
खबर लिखे जाने तक जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच ने याचिका पर सुनवाई शुरू कर दी ह। हालांकि, अभी तर्कों को सुना जा रहा है और किसी प्रकार की ठोस टिप्पणी नहीं सामने आई है। मालूम हो कि इससे पहले टीएमसी इस याचिका को लेकर कलकत्ता हाईकोर्ट पहुंची थी जहां 30 अप्रैल को याचिका खारिज किया गया था। अब ममता बनर्जी की पार्टी ने उच्चतम न्यायालय का रुख किया है।
चुनावी नतीजों की ऐलान से पहले छिड़ा घमासान
बंगाल चुनाव के नतीजे 4 मई को घोषित किए जाएंगे। असम, तमिलनाडु, केरल और पुदुचेरी के चुनावी नतीजों की घोषणा भी उसी दिन होगी। हालांकि, सबकी नजरें बंगाल पर टिकीं हैं। यहां ममता बनर्जी की टीएमसी अपना वर्चस्व बचाने के लिए चुनावी मैदान में है। वहीं बीजेपी को बंगाल का अभेद किला भेदकर पहली बार सत्ता हासिल करनी है। इस क्रम में बयानबाजी का दौर भी जारी है।
यही वजह है कि राजनीतिक तकरार देखने को मिल रही है। बंगाल चुनाव परिणाम की घोषणा से पहले सूबे में घमासान छिड़ता नजर आ रहा है। ममता बनर्जी बनाम चुनाव आयोग की लड़ाई उसी का प्रमाण है। मतदान के बाद अब मतगणना व्यवस्था को लेकर सियासी विवाद तेज हो गया है। ऐसे में देखना दिलचस्प होगा कि 4 मई को चुनावी नतीजे किसके पक्ष में आते हैं और किसे सत्ता के शीर्ष पर जाने का मौका मिलता है।
