Bengal Assembly Election 2026: पीएम मोदी ने लिया चटपटी ‘झालमुड़ी’ का स्वाद, तो TMC को लगी मिर्ची! बड़ा दावा कर BJP पर लगाए आरोप

Bengal Assembly Election 2026: बंगाल के झाड़ग्राम में पीएम मोदी ने कोलकाता की मशहूर झालमुड़ी का स्वाद क्या लिया कि सूबे का सियासी पारा चढ़ गया है। आलम ये है कि ममता बनर्जी की टीएमसी इसे राजनीतिक स्टंट बताते हुए बीजेपी पर निशाना साध रही है।

Bengal Assembly Election 2026

Picture Credit: सोशल मीडिया

Bengal Assembly Election 2026: चटपटी झालमुड़ी ने बंगाल चुनाव के बीच नई चर्चा छेड़ दी है। दरअसल, पीएम मोदी बीते कल चुनाव प्रचार के दौरान झाड़ग्राम पहुंचे जहां उन्होंने बंगाल की मशहूर झालमुड़ी का लुत्फ उठाया। इस चटपटी झालमुड़ी का स्वाद पीएम मोदी ने लिया और मिर्ची टीएमसी को लगी है। ऐसा सियासी टिप्पणीकार कह रहे हैं जो ममता बनर्जी की टीएमसी के दावों को आधार बना रहे हैं।

टीएमसी का दावा है कि पीएम मोदी के झालमुड़ी का लुत्फ उठाने के कारण झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और उनकी पत्नी कल्पना सोरेन को वापस रांची लौटना पड़ा। उनके चॉपर को लैंडिंग की इजाजत नहीं मिली। ममता बनर्जी की पार्टी इसे आदिवासी समाज का अपमान से जोड़ते हुए बीजेपी पर हमलावर है। कोलकाता की फेमस झालमुड़ी के चटपटे स्वाद ने बंगाल की सियासत में नई चर्चा छेड़ दी है।

पीएम मोदी ने लिया चटपटी ‘झालमुड़ी’ का स्वाद, तो TMC को लगी मिर्ची!

बंगाल की सत्तारुढ़ दल टीएमसी ने पीएम मोदी द्वारा झाड़ग्राम में फेमस झालमुड़ी का स्वाद लेने पर प्रहार किया है।

टीएमसी के आधिकारिक हैंडल से पोस्ट जारी कर लिखा गया है कि “नरेंद्र मोदी की आदिवासी-विरोधी मानसिकता सबके सामने उजागर हो गई है।चूंकि प्रधान सेवक ने झालमुरी खाने के लिए झाड़ग्राम में अपना प्रवास बढ़ा दिया, इसलिए झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और उनकी पत्नी तथा विधायक कल्पना सोरेन को झाड़ग्राम में हेलीकॉप्टर उतारने की अनुमति नहीं दी गई।”

तृणमूल कांग्रेस का आरोप है कि “लोकतांत्रिक रूप से चुने गए दो नेता। फंसे रहे। घंटों इंतजार करते रहे। अंततः अपना निर्धारित कार्यक्रम पूरा किए बिना रांची लौटने के लिए विवश हुए, क्योंकि प्रधानमंत्री के लंबे नाश्ते के अवकाश और फोटो खिंचवाने के समय को उनके लोकतांत्रिक अधिकारों और संवैधानिक स्थिति से अधिक महत्व दिया गया।”

इस पूरे घटनाक्रम को आदिवासी अस्मिता से जोड़ते हुए टीएमसी ने कहा कि “आदिवासी नेताओं के प्रति मोदी का यही सम्मान है। उनके सामने घुटने न टेकने वाले निर्वाचित प्रतिनिधियों के प्रति उनका यही आदर है। वे आदिवासी वोट हासिल करने के लिए झाड़ग्राम आए थे। लेकिन जिन लोगों के साथ खड़े होने का उन्होंने दावा किया था, उन्हीं को अपमानित करके वे चले गए। बंगाल ने इसे देखा और 4 मई को याद रखेगा।”

कोलकाता की फेमस ‘झालमुड़ी’ को लेकर चढ़ा सियासी पारा!

पीएम मोदी मे बीते कल बंगाल में चुनाव प्रचार के दौरान चटपटी झालमुड़ी का स्वाद लिया। इसकी तस्वीरें पीएम मोदी के एक्स हैंडल से भी साझा की गई हैं।

तस्वीरों में प्रधानमंत्री के चेहरे पर खुशी का भाव नजर आ रहा है। झाड़ग्राम में कोलकाता की मशहूर स्ट्रीट फूड झालमुड़ी का स्वाद लेते हुए प्रधानमंत्री ने स्थानीय कार्यकर्ताओं का उत्साहवर्धन किया। इस प्रकरण को लेकर सूबे में सियासत तेज हो गई है।

ममता बनर्जी की टीएमसी फ्रंटफुट पर है और इसे राजनीतिक स्टंट बताकर पीएम मोदी और बीजेपी पर निशाना साध रही है। बंगाल चुनाव अपने दिलचस्प मोड़ पर पहुंच चुका है। 23 और 29 अप्रैल को मतदान के बाद 4 मई के दिन नतीजों की घोषणा स्पष्ट करेगी कि सूबे में किसका जादू चला है।

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