PM Modi के देश के नाम संबोधन के बाद CM Mamata Banerjee का आया रिएक्शन, कहा- ‘TMC ने हमेशा महिलाओं के लिए ज्यादा…’

Mamata Banerjee: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने रविवार को पीएम नरेंद्र मोदी के देश के नाम संबोधन के बाद पहली बार अपनी प्रतिक्रिया दी।

Mamata Banerjee

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Mamata Banerjee: बीते शुक्रवार को भारतीय संसद में महिला आरक्षण विधेयक पारित नहीं हो सका और गिर गया। ऐसे में बीजेपी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार को अपने 12 सालों के कार्यकाल में सबसे बड़ा झटका लगा। इसके बाद शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की महिलाओं को संबोधित करते हुए विपक्षी दलों पर तीखे जुबानी हमले किए। ऐसे में अब पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पीएम मोदी के संबोधन पर अपनी प्रतिक्रिया दी है।

ममता बनर्जी बोलीं- ‘टीएमसी ने हमेशा महिलाओं के लिए ज्यादा राजनीतिक प्रतिनिधित्व की वकालत की है’

वेस्ट बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने कहा, ‘यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि प्रधानमंत्री ने देश को ईमानदारी से संबोधित करने के बजाय गुमराह करना चुना। मैं यह बात रिकॉर्ड पर रखना चाहता हूं। तृणमूल कांग्रेस ने हमेशा महिलाओं के लिए ज्यादा राजनीतिक प्रतिनिधित्व की वकालत की है। संसद और राज्य विधानसभा, दोनों में ही हमारे यहां चुनी हुई महिला प्रतिनिधियों का अनुपात सबसे ज्यादा है। लोकसभा में, हमारे 37.9% चुने हुए सदस्य महिलाएं हैं। राज्यसभा में, हमने 46% महिला सदस्यों को नामित किया है। महिला आरक्षण का विरोध करने का सवाल ही नहीं उठता, और न कभी उठा है।’

टीएमसी यानी तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ने कहा, ‘हम जिस बात का मूल रूप से विरोध कर रहे हैं, वह है परिसीमन (Delimitation) की प्रक्रिया, जिसे मोदी सरकार अपने निहित राजनीतिक एजेंडे के लिए महिलाओं को ढाल बनाकर आगे बढ़ाने की साजिश रच रही थी। हम जिस बात का मूल रूप से विरोध कर रहे हैं, वह है बाबासाहेब अंबेडकर के संविधान में बदलाव, इस देश का बंटवारा, और ‘जेरीमैंडरिंग’ (चुनावी क्षेत्रों की मनमानी सीमाबंदी) के जरिए सत्ता पर कब्जा करना, जिसमें राजनीतिक सीमाओं को इस तरह से फिर से खींचा जाता है कि दूसरों की कीमत पर बीजेपी-शासित राज्यों को ज्यादा प्रतिनिधित्व मिल सके। यह संघीय लोकतंत्र पर एक हमला है। और हम इसे चुपचाप होते हुए नहीं देखेंगे।’

‘इसे परिसीमन के साथ क्यों जोड़ा गया?’- सीएम ममता बनर्जी

महिला आरक्षण बिल को लेकर सीएम ममता बनर्जी ने कहा, ‘अगर यह सरकार सचमुच इस नेक काम को लेकर गंभीर थी, तो 28 सितंबर, 2023 को महिला आरक्षण बिल पास होने के बाद इसने लगभग तीन साल तक इंतजार क्यों किया? जब कई राज्यों में चुनाव हो रहे हैं, तो इसे इतनी जल्दबाजी में क्यों पास किया गया? और इसे परिसीमन के साथ क्यों जोड़ा गया? तृणमूल कांग्रेस दशकों से महिलाओं के साथ खड़ी रही है। और हम आगे भी खड़े रहेंगे। लेकिन हम उस विषय पर किसी का उपदेश नहीं सुनेंगे, जिसे न तो सत्ताधारी दल समझता है और न ही उसका सम्मान करता है।’

उन्होंने आगे कहा, ‘और प्रधानमंत्री जी, अगली बार जब आप देश को संबोधित करें, तो इतनी हिम्मत दिखाइएगा कि आप संसद के पटल से ऐसा करें, जहां आपकी बातों की जांच-परख हो सके, आपको चुनौती दी जा सके और आपकी जवाबदेही तय हो सके। कल आपने जो किया, वह कायरतापूर्ण, पाखंडपूर्ण और दोमुंहापन था। आप महसूस कर सकते हैं कि सत्ता आपकी मुट्ठी से फिसलती जा रही है। और आप बस कुछ और समय तक सत्ता में बने रहने के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं। यह सब बस इसी के लिए था।’

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