वंशवाद की सियासत पर कैसे मुखर होंगे पूर्व CM नीतीश? बेटे Nishant Kumar के मंत्रिमंडल में शामिल होने पर उठे सवाल, अब आगे क्या?

पूर्व सीएम नीतीश कुमार के बेटे Nishant Kumar ने बिहार की नई सरकार में मंत्री पद की शपथ ली है। निशांत कुमार के मंत्री बनने के बाद वंशवाद की राजनीति पर फिर सवाल उठने लगे हैं। पूछा जा रहा है कि वंशवाद की सियासत पर मुखर रहने वाले नीतीश कुमार इस पर क्या रुख अपनाएंगे?

Nishant Kumar

Picture Credit: गूगल (निशांत कुमार & नीतीश कुमार - सांकेतिक तस्वीर)

Nishant Kumar: तमाम सियासी उठा-पटक के बीच बिहार कैबिनेट का विस्तार हो चुका है। नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के बाद बनी सम्राट चौधरी की नई सरकार में कुल 32 मंत्रियों ने शपथ ली है। इसमें निशांत कुमार और दीपक प्रकाश का नाम अहम है। दोनों के पिता राजनीति में सक्रिय हैं। यहां बात निशांत कुमार की ही होगी जिनके पिता नीतीश कुमार ने हाल ही में मुख्यमंत्री पद छोड़ राज्यसभा जाना चुना था।

अब उनके बेटे बिहार सरकार में मंत्री बने हैं। नीतीश कुमार उन नेताओं में एक हैं जो खुलकर वंशवाद की राजनीति की आलोचना करते हैं। हालांकि, अब उनके ही सुपुत्र निशांत कुमार बिना किसी सदन के सदस्य होते हुए भी कैबिनेट मंत्री बने हैं। ऐसे में नीतीश कुमार अब कैसे वंशवाद की सियासत के खिलाफ मुखर होंगे? निशांत कुमार को आगे किन चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है? इन सवालों का जवाब ढूंढ़ने की कोशिश की जाएगी।

वंशवाद की सियासत पर कैसे मुखर होंगे पूर्व CM नीतीश कुमार?

बिहार की राजनीति पर नजर रखने वालों को बखूबी पता है कि कैसे नीतीश कुमार ने वंशवाद की राजनीति के खिलाफ हमेशा मोर्चा खोले रखा। यही वजह थी कि जब तक नीतीश कुमार बिहार की सत्ता में काबिज रहे, तब तक उनके सुपुत्र निशांत कुमार सरकार से दूर रहे। हालांकि, अब सम्राट चौधरी के मुख्यमंत्री बनने के बाद निशांत कुमार ने नई सरकार में मंत्री के पद व गोपनीयता की शपथ ली है। नीतीश कुमार के लिए ये थोड़ी अजीब स्थिति है।

दरअसल, जो नीतीश कुमार लालू परिवार पर वंशवाद की राजनीति को बढ़ावा देने का आरोप लगाते रहे, अब वे खुद इसके शिकंजे में आ गए हैं। लालू यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने निशांत कुमार की शपथग्रहण के बाद तंज भी कसा है। राजद, कांग्रेस व वाम दलों के तमाम अन्य नेता भी नीतीश कुमार पर निशाना साध रहे हैं। वंशवाद की राजनीति के मुखर आलोचक रहे पूर्व सीएम अब अपने बेटे के मंत्री बनने के बाद इस पर क्या रुख अपनाते हैं। ये देखना बेहद दिलचस्प होगा।

Nishant Kumar के मंत्रिमंडल में शामिल होने पर उठे सवाल!

उपेन्द्र कुशवाहा के बेटे दीपक प्रकाश और नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार अभी किसी सदन के सदस्य नही हैं। हालांकि, दोनों ने ही बिहार की नई सरकार में मंत्री के पद व गोपनीयता की शपथ ली है। निशांत कुमार की बात करें तो उनके पास पिता की विरासत के अलावा राजनीति में अपना कोई योगदान नही रहा है। वे सियासत से दूर ही रहे हैं। हालांकि, अब मंत्री बनाकर उनका सियासी पदार्पण कराया जा रहा है।

एक और खास बात ये है कि निशांत कुमार जिस बीजेपी के नेतृत्व वाली बिहार सरकार का हिस्सा बने है। वो परिवारवाद की सबसे बड़ी विरोधी के रूप में जानी जाती है। यही वजह है कि निशांत कुमार की शपथग्रहण को लेकर सवाल भी उठ रहे हैं। पूछा जा रहा है कि क्या निशांत कुमार और दीपक प्रकाश वंशवाद की राजनीति से अलग हैं? इसको लेकर चर्चा जारी है और तमाम तरह के तर्क पेश किए जा रहे हैं।

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