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Rahul Gandhi के भारत-अमेरिका ट्रेड डील पोस्ट पर बीजेपी का जबरदस्त पलटवार! तस्वीर साफ कर केन्द्रीय मंत्री ने तगड़ा फटकारा

Rahul Gandhi

Picture Credit: गूगल (राहुल गांधी & पीयूष गोयल - सांकेतिक तस्वीर)

Rahul Gandhi: दो देशों के मध्य हुए ट्रेड डील को कई दिन बीत गए लेकिन सियासी गलियारों में उसकी चर्चा आज भी जारी है। यहां बात भारत और अमेरिका के संदर्भ में हो रही है। भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर एक बार फिर देश का सियासी पारा चढ़ता नजर आ रहा है। राहुल गांधी ने ट्रेड डील का जिक्र करते हुए केन्द्र सरकार पर जमकर हमला बोला है। राहुल गांधी के आरोपों पर केन्द्र की ओर से बीजेपी के कद्दावर नेता व मंत्री पीयूष गोयल की प्रतिक्रिया सामने आई है। पीयूष गोयल ने राहुल गांधी को करारा फटकार लगाते हुए सभी आरोपों को बेबुनियाद बताया है। नई दिल्ली में घटित हो रहे इस सियासी घटनाक्रम की खूब चर्चा है।

नेता प्रतिपक्ष पर केन्द्रीय मंत्री का करारा पलटवार!

केन्द्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने आज नई दिल्ली में कई अहम मुद्दों पर अपना पक्ष रखते हुए राहुल गांधी को निशाने पर लिया है।

पीयूष गोयल ने कहा कि “मैंने अभी राहुल गांधी का एक हास्यास्पद बयान पढ़ा है जिसमें उन्होंने कहा है कि भारत ने अमेरिका से बिना किसी प्रतिफल के प्रतिवर्ष 100 अरब अमेरिकी डॉलर का सामान खरीदने की प्रतिबद्धता जताई है। मुझे लगता है कि वे वास्तविकता से बिल्कुल कटे हुए हैं। सभी संवेदनशील क्षेत्रों को सुरक्षित रखते हुए, यह दोनों देशों के लिए एक बेहतरीन लाभकारी समाधान है।” पीयूष गोयल ने भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर तस्वीर साफ कर इसे देशहित में बताया है।

भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर Rahul Gandhi का तल्ख रुख!

लोकसभा में सरकार पर हमलावर रहने वाले नेता प्रतिपक्ष ने एक बार फिर भारत-अमेरिका ट्रेड डील का जिक्र करते हुए सरकार को निशाने पर लिया है।

अपने आधिकारिक एक्स हैंडल से पोस्ट जारी कर राहुल गांधी लिखते हैं कि “व्यापार समझौते पर संसद में अपने भाषण में मैंने Jiu-Jitsu का उदाहरण क्यों इस्तेमाल किया? अमेरिकियों को खुश करने के लिए हमारे किसानों की कुर्बानी क्यों दी गई? अमेरिका को हमारे तेल आयात तय करने देकर भारत की ऊर्जा सुरक्षा से समझौता क्यों किया गया? बिना किसी पारस्परिक वादे के, हर साल $100 बिलियन का अमेरिकी आयात बढ़ाने पर सहमति क्यों दी गई? मैंने यह क्यों कहा कि यह समझौता भारत को एक data colony बना सकता है? मोदी जी ऐसा समझौता क्यों मानेंगे, जिसमें भारत इतना कुछ दे रहा और बदले में बहुत कम मिलता दिख रहा है? इस शर्मनाक आत्मसमर्पण का जवाब प्रधानमंत्री पर डाले गए “grips” और “chokes” में छिपा है।”

उपरोक्त सारे सवाल राहुल गांधी द्वारा सरकार से पूछे गए हैं जिसको लेकर मंत्री पीयूष गोयल ने उन्हें तगड़ा फटकारा है।

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