Home ख़ास खबरें Mamata Banerjee: ‘मुख्यमंत्री की निमर्मता वाली सरकार के लिए सुप्रीम थप्पड़..,’ IPAC...

Mamata Banerjee: ‘मुख्यमंत्री की निमर्मता वाली सरकार के लिए सुप्रीम थप्पड़..,’ IPAC रेड केस में घिरीं बंगाल CM, बीजेपी ने फ्रंटफुट से खोला मोर्चा

मुख्यमंत्री Mamata Banerjee को आईपैक छापेमारी प्रकरण में सुप्रीम कोर्ट द्वारा नोटिस जारी होने के बाद बीजेपी फ्रंटफुट से मोर्चा संभाल रही है। सुवेंदु अधिकारी, सुकांत मजूमदार से इतर तरुण चुघ और संजय सरावगी जैसे नेताओं ने भी ममता बनर्जी को निशाने पर लिया है।

Mamata Banerjee
Picture Credit: गूगल (सांकेतिक तस्वीर)

Mamata Banerjee: चुनावी दहलीज पर खड़े बंगाल में सियासी घमासान जोरों पर है। पिछले सप्ताह आईपैक चीफ प्रतीक जैन के घर हुई ईडी की छापेमारी ने सूबे का सियासी पारा चढ़ा दिया है। इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट के तल्ख तेवर सामने आए हैं। इतना ही नहीं, कोर्ट की बेंच ने ममता बनर्जी के साथ बंगाल के कई शीर्ष अधिकारियों के खिलाफ नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। ममता बनर्जी को सुप्रीम कोर्ट से लगी फटकार के बाद बीजेपी फ्रंटफुट से मोर्चा संभालते हुए हमलावर है। बीजेपी राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ ने कोर्ट की रुख का जिक्र करते हुए ममता बनर्जी को मिली नोटिस को सुप्रीम थप्पड़ बताया है। इससे इतर भी बीजेपी के कई अन्य नेता IPAC छापेमारी प्रकरण को लेकर मुख्यमंत्री पर हमलावर हैं।

IPAC रेड केस में घिरीं Mamata Banerjee पर बीजेपी हमलावर

बंगाल में मुख्य विपक्ष की भूमिका निभा रही बीजेपी मुखरता के साथ आईपैक छापेमारी प्रकरण में ममता बनर्जी को निशाने पर ले रही है।

बीजेपी नेता तरुण चुघ ने इस सियासी घटनाक्रम पर बंगाल सीएम को निशाने पर लिया है। तरुण चुघ ने कहा कि “ED मामले में सुप्रीम कोर्ट की फटकार सत्य की जीत एवं ममता बनर्जी की निमर्मता वाली भ्रष्टाचारी, माफिया को सरंक्षण देने वाली सरकार के लिए एक सुप्रीम थप्पड़ जैसा है। ममता सरकार संवैधानिक संस्थाओं के काम में खुलेआम दखल दे, कानून-व्यवस्था को हाशिए पर धकेल कर सिर्फ अराजकता फैलाने का काम कर रही है। ममता बनर्जी चाहे कितना भी दबाव बना लें लूट, भ्रष्टाचार की जांच नहीं रुकेगी और अपराधियों पर कार्रवाई होकर रहेगी।”

बिहार बीजेपी के अध्यक्ष संजय सरावगी ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और पुलिस अधिकारियों को नोटिस जारी करने पर कहा कि “ममता बनर्जी सरकार की सच्चाई सुप्रीम कोर्ट ने उजागर की है। सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट रूप से कहा कि अराजकता फैल जाएगी। बंगाल में कानून-व्यवस्था की क्या स्थिति है यह तो सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी से ही पता चलता है। IPAC की जांच में मुख्यमंत्री खुद पहुंचकर हस्तक्षेप करें फाइल ले जाएं। सुप्रीम कोर्ट के बयान से साफ हो रहा है कि वहां किस तरह अराजकती की स्थिति है।”

इससे इतर सुवेंदु अधिकारी, सुकांत मजूमदार व अन्य तमाम स्थानीय बीजेपी नेताओं ने भी ममता बनर्जी को निशाने पर लिया है।

सुप्रीम कोर्ट के तल्ख तेवर ने बढ़ाईं मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की मुश्किलें!

बीते कल आईपैक छापेमारी प्रकरण में प्रवर्तन निदेशालय की याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट का तल्ख तेवर सामने आया। न्यायमूर्ति प्रशांत कुमार मिश्रा और विपुल पंचोली की बेंच ने ममता बनर्जी, बंगाल पुलिस DGP, पुलिस आयुक्त और उपायुक्त को नोटिस जारी कर दो सप्ताह में जवाब देने को कहा है। इस मामले की अगली सुनवाई 3 फरवरी को होगी। उससे पूर्व सुप्रीम कोर्ट द्वारा ममता बनर्जी व अन्य आला अधिकारियों को जारी नोटिस बंगाल सरकार की मुश्किलें बढ़ा रही है। अब देखना होगा कि कोर्ट आगे क्या रुख अपनाता है।

Exit mobile version