BMC Mayor Row: देश की सबसे धनी नगर पालिका में नए मेयर चयन को लेकर मंथन का दौर जारी है। इधर महायुति अपना मेयर बनाने का दावा कर रही है, तो वहीं अल्पमत में होने के बावजूद शिवसेना यूबीटी का उम्मीद बरकरार है। शिवसेना आरक्षण के भरोसे अनुसूचित जनजाति श्रेणी होने की उम्मीद लगाए बैठी है। इधर मुंबई से दिल्ली तक भी रणनीतियां बन रही हैं। एकनाथ शिंदे गुट के पार्षद जहां होटल में हैं।
बीजेपी के पार्षद भी हाई कमान के निर्देशानुसार अपनी गतिविधियों में सक्रिय हैं। ऐसे में चर्चा है कि आखिर बीएमसी मेयर चयन को लेकर पेंच कहां फंस रहा है? महायुति या विपक्ष कौन देश की सबसे धनी नगर पालिका में बादशाहत कायम कर पाएगा? ऐसे सवालों का जवाब ढूंढ़ने के साथ हम आपको मुंबई में जारी सियासी उठा-पटक के बारे में बताएंगे।
नए मेयर चयन को लेकर आखिर कहां फंस रहा पेंच?
इस सवाल का पुख्ता जवाब सीएम देवेन्द्र फडणवीस, एकनाथ शिंदे या बीजेपी शीर्ष नेतृत्व में शामिल किसी नेता के बयान के आधार पर दिया जा सकता है। उससे पूर्व कुछ कहना महज कयासों को रफ्तार देने के समान है। सियासी टिप्पणीकारों की मानें तो देश की सबसे धनी नगर पालिका में बीजेपी अपना प्रभुत्व बरकरार रखते हुए मेयर की कुर्सी चाहती है।
पहले की बात करें तो यहां अविभाजित शिवसेना का दबदबा रहा है। ऐसे में जब एकनाथ शिंदे को असली शिवसेना का चुनाव चिन्ह और जनसमर्थन मिल रहा है, तो एकनाथ शिंदे उसे जारी रखना चाहते हैं। आसार जताए जा रहे हैं कि महायुति में इसी को लेकर चर्चाओं का दौर जारी है। मुंबई से दिल्ली तक मंथन हो रहा है, ताकि फंसा हुआ पेंच निकाला जाए और नया मेयर चुनकर तमाम अटकलों को विराम दिया जाए। अब देखना दिलचस्प होगा कि कब बीएमसी को नया मेयर मिलता है।
मुंबई से दिल्ली तक मंथन का दौर!
नए मेयर चयन को लेकर देश की राजधानी दिल्ली से आर्थिक राजधानी मुंबई तक मंथन का दौर जारी है। 118 सीटें जीतकर महायुति बीएमसी में मेयर बनाने की स्थिति में है। पहले फैसला मेयर सीट के लिए आरक्षण पर आना है जिसके आधार पर कैंडिडेट का ऐलान होगा। इसके बाद संभव है कि 31 जनवरी को बीएमसी मेयर पद के लिए चयन प्रक्रिया पूरी हो।
इससे पूर्व मुंबई से दिल्ली तक मंथन जारी है। मुंबई में जहां बीजेपी, शिवसेना, एनसीपी, शिवसेना यूबीटी व अन्य कुछ दलों के पार्षद गहमा-गहमी माहौल में रणनीति बना रहे हैं। तो वहीं दिल्ली में बीजेपी आलाकमान बीएमसी मेयर चयन को लेकर गंभीर है और चर्चाओं का दौर जारी है। अब देखना दिलचस्प होगा कि मंथन का हासिल क्या होता है और बीएमसी मेयर की गद्दी पर किसकी ताजपोशी होती है।





