CM Bhagwant Mann: आप संयोजक और दिल्ली के पूर्व सीएम अरविंद केजरीवल एक बार फिर सुर्खियों में बने हुए है। दरअसल केजरीवाल ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर वीडियो शेयर किया था। जिसमे लिखा था कि “जस्टिस स्वर्णकान्ता शर्मा जी से न्याय मिलने की मेरी उम्मीद टूट चुकी है। अपनी अंतरात्मा की आवाज़ सुनते हुए, गांधी जी के सिद्धांतो को मानते हुए और सत्याग्रह की भावना के साथ, मैंने फ़ैसला किया है कि मैं इस केस में उनके सामने पेश नहीं हूंगा और कोई दलील भी नहीं रखूँगा”। बता दें कि इस ट्वीट पर अब पंजाब के CM Bhagwant Mann ने अपने प्रतिक्रिया दी है और आप संयोजक के सपोर्ट में उतर चुके है।
अरविंद केजरीवाल के सपोर्ट में उतरे CM Bhagwant Mann
वीडियो शेयर करते हुए CM Bhagwant Mann ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर लिखा कि “सत्य की लड़ाई लड़ रहे केजरीवाल साहब ने यह साबित कर दिया है कि आत्मसम्मान और न्याय के लिए किसी भी कीमत पर बलिदान देने के लिए तैयार रहना चाहिए। जब निष्पक्षता पर सवाल उठते हैं, तो जनता का विश्वास टूट जाता है।
ਸੱਚ ਦੀ ਲੜਾਈ ਲੜ ਰਹੇ ਕੇਜਰੀਵਾਲ ਸਾਹਿਬ ਨੇ ਦਿਖਾ ਦਿੱਤਾ ਕਿ ਆਤਮ-ਸਨਮਾਨ ਅਤੇ ਨਿਆਂ ਲਈ ਕਿਸੇ ਵੀ ਚੀਜ਼ ਦਾ ਤਿਆਗ ਕਰਨ ਲਈ ਤਿਆਰ ਰਹਿਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ। ਜਦੋਂ ਨਿਰਪੱਖਤਾ ‘ਤੇ ਸਵਾਲ ਉੱਠਦੇ ਹਨ, ਤਾਂ ਜਨਤਾ ਦਾ ਭਰੋਸਾ ਟੁੱਟਦਾ ਹੈ। ਅਸੀਂ ਸਾਰੇ ਉਹਨਾਂ ਦੇ ਨਾਲ ਹਾਂ।
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सत्य की लड़ाई लड़ने वाले केजरीवाल साहब ने दिखा दिया कि… https://t.co/nvUAsEq9s5— Bhagwant Mann (@BhagwantMann) April 27, 2026
हम सब उनके साथ खड़े हैं”। बताते चले कि पूर्व सीएम ने जस्टिस स्वर्णकांता को लेटर भी लिखा। इसमें कहा, ‘मैंने अपनी अंतरात्मा की आवाज सुनते हुए महात्मा गांधी के सत्याग्रह का रास्ता अपनाने का फैसला किया है। इसकी वजह है कि जस्टिस स्वर्णकांता के दोनों बेंच केंद्र सरकार के वकील के पैनल का हिस्सा हैं। इसमें साफ तौर पर हितों का टकराव दिखता है।’
अरविंद केजरीवाल ने न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता शर्मा को लिखा पत्र
अरविंद केजरीवाल ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर लिखा कि “अत्यंत विनम्रता और न्यायपालिका के प्रति पूर्ण सम्मान के साथ, मैंने न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता शर्मा को निम्नलिखित पत्र लिखा है, जिसमें मैं उन्हें सूचित कर रहा हूँ कि सत्याग्रह के गांधीवादी सिद्धांतों का पालन करते हुए, मेरे लिए उनकी अदालत में इस मामले को स्वयं या किसी वकील के माध्यम से आगे बढ़ाना संभव नहीं होगा।
In all humility and with complete respect for judiciary, I have written the following letter to Justice Swarna Kanta Sharma, informing her that pursuing Gandhian principles of Satyagraha, it won’t be possible for me to pursue this case in her court, either in person or through a… pic.twitter.com/HmyOyNYug8
— Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal) April 27, 2026
मैंने यह कठिन निर्णय इस स्पष्ट निष्कर्ष पर पहुँचने के बाद लिया है कि उनकी अदालत में चल रही कार्यवाही किसी भी तरह से इस मूलभूत सिद्धांत को संतुष्ट नहीं करती कि ‘न्याय न केवल होना चाहिए बल्कि होता हुआ दिखना भी चाहिए’। इन कार्यवाही में मेरी भागीदारी, चाहे मैं स्वयं या किसी वकील के माध्यम से, कोई सार्थक उपलब्धि नहीं होगी”।






