Dharmendra Pradhan का इस्तीफा बीजेपी के लिए बनेगा मास्टरस्ट्रोक! पीएम मोदी की नई चाल से घबराया विपक्ष, जानें सबकुछ

Dharmendra Pradhan: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे ने देश की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है।

Dharmendra Pradhan

फाइल फोटो

Dharmendra Pradhan: केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे ने देश की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। एक ओर विपक्ष इसे अपनी बड़ी राजनीतिक जीत बताने की कोशिश कर रहा है, तो दूसरी ओर राजनीतिक विश्लेषकों का एक वर्ग इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रणनीतिक राजनीति और समय रहते किए गए डैमेज कंट्रोल के रूप में देख रहा है।

लगातार चल रहे छात्र आंदोलनों और परीक्षा प्रणाली को लेकर उठे सवालों के बीच सरकार ने धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा स्वीकार कर बड़ा संदेश देने की कोशिश की है। दिल्ली के जंतर मंतर पर बीते 36 दिनों से आंदोलन जारी था। जिसके बाद आखिरकार धर्मेंद प्रधान ने इस्तीफा दे दिया है। वहीं अब राजनीतिक विश्लेषक इसको पीएम मोदी का मास्ट्रस्ट्रोक मानते है। चलिए आपको बताते है इससे जुड़ी सभी अहम जानकारी।

क्या बीजेपी ने समय रहते खेल दिया बड़ा दांव?

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यदि सरकार लंबे समय तक इस मुद्दे को टालती, तो आगामी विधानसभा चुनावों और भविष्य की राजनीतिक रणनीति पर इसका असर पड़ सकता था। ऐसे में इस्तीफा स्वीकार कर बीजेपी ने यह संदेश देने की कोशिश की है कि जवाबदेही तय करने में वह पीछे नहीं हटती। इस फैसले को कई विश्लेषक डैमेज कंट्रोल और रणनीतिक मास्टरस्ट्रोक दोनों के रूप में देख रहे हैं।

मालूम हो कि पिछले कुछ सालों में सरकार के खिलाफ बड़े आंदोलन हुए है। इसके बावजूद किसी सरकार का इस्तीफा नहीं हुआ है। पीएम मोदी पहले भी कई मौकों पर चुनावी और राजनीतिक परिस्थितियों के अनुसार बड़े फैसले लेकर संगठन और सरकार दोनों को नया संदेश देते रहे हैं।

आखिर क्यों देना पड़ा धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा?

पिछले कई महीनों से देश में प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता को लेकर सवाल उठ रहे थे। कई राज्यों में छात्र संगठनों ने विरोध प्रदर्शन किए और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग तेज होती गई। इसी बीच CJP आंदोलन और विपक्षी दलों ने भी केंद्रीय शिक्षा मंत्री की जवाबदेही तय करने की मांग को लेकर सरकार पर दबाव बनाया। बढ़ते राजनीतिक और जनदबाव के बीच धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया।

इस फैसले के बाद पूरे देश में यह चर्चा शुरू हो गई कि क्या सरकार ने जनता के गुस्से को शांत करने के लिए यह कदम उठाया है या इसके पीछे कोई बड़ी राजनीतिक रणनीति है। वहीं कई एक्सपर्ट का मानना है कि सरकार संसद में महत्वपूर्ण बिल पेश कर सकती है। वहीं विपक्ष लगाातार धर्मेंद प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे थे। वहीं अब इस्तीफे के बाद माना जा रहा है कि संसद में सरकार बिल पेश करेगी।

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