‘मांस एवं मदिरा…’ कांवड़ यात्रा से पहले CM Yogi Adityanath की अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक, अधिकारियों को खास दिशा-निर्देश, जानें सबकुछ

CM Yogi Adityanath: कांवड़ यात्रा से पहले मुख्यमंत्री जी ने अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक की, साथ ही अधिकारियों को दिशा-निर्देश भी दिया।

CM Yogi Adityanath

फाइल फोटो

CM Yogi Adityanath: सावन के महीने की शुरूआत जल्द होने जा रहा है। सनातन धर्म में यह महीना काफी पावन माना जाता है। बड़ी संख्या में भक्त भगवान शिव को जल अर्पित करते हुए। इसी को ध्यान में रखते हुए यूपी सरकार की तरफ से तैयारियां तेज कर दी गई है।

बीते दिन CM Yogi Adityanath ने अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की, साथ ही अधिकारियों को सख्त निर्देश दिया है। मालूम हो कि दिल्ली यूपी के और आसपास से लाखों की संख्या में भक्त हरिद्वार से पैदल जल लेकर आते है और आसपास के मंदिर में भगवान शिव को अर्पित करते है। चलिए आपको बताते है इससे जुड़ी सभी अहम जानकारी।

CM Yogi Adityanath ने अधिकारियों को दिए जरूरी दिशा-निर्देश

बैठक के दौरान  उत्तर प्रदेश के CM Yogi Adityanath ने अधिकारियों के साथ अहम बैठक की, इस दौरान मुख्यमंत्री जी ने निर्देश देते हुए कहा कि “पुलिस पेट्रोलिंग बढ़ाएं, संवेदनशील स्थलों पर सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन से सतत निगरानी रखें तथा संदिग्ध व्यक्तियों पर विशेष निगरानी रखने का आदेश दिया है।

सोशल मीडिया पर भ्रामक और फर्जी सूचनाओं का तत्काल खंडन किया जाए तथा अफवाह फैलाकर सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। कांवड़ यात्रा मार्ग पर मांस एवं मदिरा की दुकानें बंद रखी जाएं। अधिकारी नियमित निरीक्षण करें और दोषियों के विरुद्ध तत्काल कार्रवाई करें”।

कानून-व्यवस्था, यातायात पर क्या बोले मुख्यमंत्री

अधिकारियों को जरूरी दिशा-निर्देश देते हुए CM Yogi Adityanath ने कहा कि “कांवड़ यात्रा के दौरान कानून-व्यवस्था, यातायात, स्वास्थ्य सेवाएं, स्वच्छता, खाद्य सुरक्षा और जनसुविधाओं की ऐसी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, जिससे श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

सौहार्द बिगाड़ने, अफवाह फैलाने, मिलावट, ओवररेटिंग, अव्यवस्था या अराजकता पैदा करने का प्रयास करने वाले तत्वों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए। प्रशासन पूरे आयोजन के दौरान पूरी सजगता तथा संवेदनशीलता के साथ कार्य करे। साथ ही कांवड़ की निर्धारित ऊंचाई का पालन सुनिश्चित कराने के लिए हरियाणा, राजस्थान, दिल्ली और उत्तराखंड के अधिकारियों के साथ समन्वय भी स्थापित किया जाए”।

 

 

 

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