India-US Trade Deal: भारत और अमेरिका के बीच हुई ट्रेड डील दुनिया में चर्चा का विषय बनी है। भारत में अंदरखाने बात करें तो ट्रेड डील को लेकर दो खेमा अपना पक्ष रखा है। सत्ता पक्ष जहां इस ट्रेड डील के फायदे बता रहा है। वहीं विपक्ष इंडिया-यूएस ट्रेड डील की खामियों का जिक्र कर सरकार को कटघरे में खड़ा कर रहा है।
इसी बीच तल्ख प्रतिक्रियाओं के दौर में सपा मुखिया अखिलेश यादव और शिवसेना यूबीटी सांसद संजय राउत की प्रतिक्रिया आई है। कांग्रेस नेता उदित राज ने भी भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर सवाल खड़ा करते हुए तल्ख प्रतिक्रिया दी है। ये सारी गतिविधियां देश का सियासी पारा चढ़ा रही हैं जिसके बारे में हम आपको विस्तार से बताएंगे।
सपा मुखिया के साथ शिवसेना की India-US Trade Deal पर प्रतिक्रिया!
अखिलेश यादव ने भारत-अमेरिका के बीच हुई ट्रेड डील पर तल्ख प्रतिक्रिया दी है।
#WATCH | SP MP Akhilesh Yadav says, “…The deal with the US is not a ‘deal’ but a ‘dheel’ (relaxation). We have handed over our entire market to them…Sanatanis will have to think about how their fast will continue to be ‘Sanatani’. If dairy products come from there, how will… pic.twitter.com/a0m4WNYFd5
— ANI (@ANI) February 4, 2026
पूर्व सीएम व वर्तमान में लोकसभा सांसद अखिलेश यादव का कहना है कि “अमेरिका के साथ हुआ समझौता कोई ‘समझौता’ नहीं, बल्कि ‘ढील’ है। हमने अपना पूरा बाजार उन्हें सौंप दिया है। सनातनियों को सोचना होगा कि उनका व्रत ‘सनातन’ कैसे बना रहेगा। अगर दूध और डेयरी उत्पाद वहीं से आएंगे, तो सनातनियों और भारतीयों का व्रत कैसे चलेगा? यह चिंता का विषय है।”
सपा मुखिया ने आगे कहा कि “भाजपा हमेशा यह सुनिश्चित करने का प्रयास करती है कि चर्चाएं न हों। हमने देखा है कि जब विपक्ष के नेता और अन्य दलों ने चीन के मुद्दे पर विस्तृत जानकारी मांगी, तो भाजपा पीछे हट गई। हम दोहराते हैं कि हमें चीन के साथ अपने संबंधों पर हमेशा विचार-विमर्श करके निर्णय लेना चाहिए। राष्ट्रीय सुरक्षा, सीमा सुरक्षा और हमारे संबंध, विशेष रूप से चीन के साथ, समय-समय पर अच्छे और बुरे रहे हैं। हमने अपनी जमीन खो दी है। देश को यह जानना चाहिए कि सशस्त्र बलों का इस बारे में क्या कहना है। हम न केवल चीन को जमीन खो रहे हैं, बल्कि अपना बाजार भी खो रहे हैं…तो हम किस दिशा में जा रहे हैं?”
#WATCH | Delhi | On India-US trade agreement, Shiv Sena (UBT) MP Sanjay Raut says,” With this trade deal, the US has nearly bought India. They say it is a victory, but how? If the US sells its products at a cheaper rate in our market, will our farmers commit suicide?…” pic.twitter.com/2Pl6gMBMSF
— ANI (@ANI) February 4, 2026
शिवसेना यूबीटी सांसद संजय राउत ने भी भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर तल्ख प्रतिक्रिया दी है। उनका कहना है कि “इस व्यापार समझौते से अमेरिका ने लगभग भारत को खरीद लिया है। वे कहते हैं कि यह जीत है, लेकिन कैसे? अगर अमेरिका हमारे बाजार में अपने उत्पाद सस्ते दामों पर बेचता है, तो क्या हमारे किसान आत्महत्या कर लेंगे?”
कांग्रेस नेता ने भी व्यापार समझौते पर जताई आपत्ति!
उदित राज ने भारत-अमेरिका के बीच हुए व्यापार समझौता पर आपत्ति जताई है।
#WATCH | Delhi: On the statement of Union Minister Piyush Goyal on the India-US trade agreement, Congress leader Udit Raj says, “US President Donald Trump announces the India-Pakistan war… He makes the announcement on the $500 billion deal… Was there something to hide?… Why… pic.twitter.com/oEaFHgWurt
— ANI (@ANI) February 4, 2026
पियूष गोयल के बयान पर उनका कहना है कि “डोनाल्ड ट्रंप ने भारत-पाकिस्तान युद्ध की घोषणा कर दी। उन्होंने 500 अरब डॉलर के समझौते की घोषणा की। क्या इसमें कुछ छिपाने की बात थी? घोषणा हमेशा अमेरिका से ही क्यों होती है? अगर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ चुनाव नहीं लड़ता है, तो भाजपा शायद नहीं जीत पाएगी। क्या अब अमेरिकी सेवक संघ बन गया है? यह क्यों नहीं देख पा रहा है कि हमारे किसानों और अन्य सभी क्षेत्रों को लूटा जा रहा है?”
इससे पूर्व शशि थरूर, मनीष तिवारी, प्रियंका गांधी समेत अन्य कांग्रेसी सांसद भी भारत-अमेरिका ट्रेड डील का जिक्र कर सरकार पर निशाना साध चुके हैं।
प्रतिक्रियाओं के दौर से चढ़ा सियासी पारा!
व्यापार समझौते पर तल्ख प्रतिक्रियाओं के दौर से देश का सियासी पारा चढ़ा नजर आ रहा है। जहां एक ओर पीएम मोदी, अमित शाह, निर्मला सीतारमण, पीयूष गोयल समेत अन्य तमाम दिग्गज नेताओं ने इस समझौते का स्वागत किया। वहीं राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, अखिलेश यादव, तेजस्वी यादव, एमके स्टालिन समेत अन्य तमाम नेता इसकी आलोचना कर रहे हैं। भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी जारी है। इन प्रतिक्रियाओं ने देश का सियासी पारा चढ़ा दिया है।





