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Jharkhand News: सीएम हेमंत सोरेन सरकार ने शुरू की राज्य फसल राहत योजना, लाखों अन्नदाताओं को पहुंच रहा है फायदा, जानें सबकुछ

Jharkhand News: खेती-किसानी पूरी तरह मौसम पर निर्भर रहने के कारण किसानों को कई बार प्राकृतिक आपदा से भारी नुकसान उठाना पड़ता है।

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By: Anurag Tripathi

Published: सितम्बर 20, 2026 5:12 अपराह्न

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Jharkhand News: खेती-किसानी पूरी तरह मौसम पर निर्भर रहने के कारण किसानों को कई बार प्राकृतिक आपदा से भारी नुकसान उठाना पड़ता है। कभी सूखा, बाढ़, अतिवृष्टि या दूसरी प्राकृतिक आपदाओं के कारण फसल बर्बाद होने पर किसानों की आर्थिक स्थिति प्रभावित होती है। ऐसे समय में सीएम हेमंत सोरेन सरकार की झारखंड राज्य फसल राहत योजना किसानों के लिए आर्थिक सुरक्षा कवच के रूप में गेमचेंजर साबित हुई है। झारखंड फसल राहत योजना का फायदा उठाने के लिए सबसे पहले इस योजना के अंतर्गत आवेदन करना होगा। चलिए आपको बताते है योजना से जुड़ी सभी अहम जानकारी।

राज्य फसल राहत योजना का उद्देश्य

  • अप्रत्याशित प्राकृतिक आपदाओं या घटनाओं के कारण फसल के नुकसान से प्रभावित किसानों को आर्थिक सहायता देना।
  • आर्थिक सहायता देना। खेती का काम जारी रखने के लिए किसानों की आय को मजबूत करना।
  • खेती के काम के लिए पैसे का प्रवाह सुनिश्चित करना।
  • खाद्य सुरक्षा, फसल विविधीकरण, तेज़ विकास और खेती में प्रतिस्पर्धा का रास्ता बनाना।

योजना के लिए योग्ता

  • आवेदक को झारखंड का स्थायी निवासी होना चाहिए।
  • आवेदक एक छोटा या सीमांत किसान होना चाहिए।
  • आवेदक ‘रैयत’ या ‘बटाईदार’ किसान होना चाहिए।
  • किसान की उम्र कम से कम 18 साल होनी चाहिए।
  • किसान के पास एक वैध आधार नंबर होना चाहिए।
  • जो किसान सरकारी या गैर-मजरुआ ज़मीन पर खेती करते हैं और जिनके पास राजस्व विभाग से लीज़ या सेटलमेंट के दस्तावेज़ हैं, वे भी इसके लिए पात्र हैं।
  • किसान के पास ज़मीन से जुड़े ज़रूरी कागज़ात (LPC/ज़मीन की रसीदें) होने चाहिए।
  • इस योजना के तहत किसान कम से कम 10 डेसिमल से लेकर ज़्यादा से ज़्यादा 5 एकड़ तक की कृषि भूमि के लिए लाभ उठा सकते हैं।
  • किसानों को फसल सहायता तभी दी जाएगी जब फसल का नुकसान कम से कम 20% हो।
  • यह योजना सभी किसानों के लिए स्वैच्छिक होगी।

 

इस योजना के तहत SC/ST/महिलाओं/पहाड़िया जनजाति/आदिम जनजाति के किसानों को ज़्यादा से ज़्यादा शामिल करने के लिए विशेष प्रयास किए जाएंगे।

 

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Anurag Tripathi

अनुराग त्रिपाठी को पत्रकारिता का 2 साल से अधिक का अनुभव है। उन्होंने महर्षि दयानंद यूनिवर्सिटी से अपनी पत्रकारिता की डिग्री प्राप्त की है। वह बिजनेस, यूटिलिटी, पॉलिटिक्स विषयों पर लिखने में रूचि रखते है। वर्तमान में वह डीएनपी इंडिया के साथ कार्यरत है।
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