Jharkhand News: बीते कई सालों से बिहार और झारखंड के बीच सोन नदी के जल बंटवारे को लेकर खीचतान जारी थी। हालांकि बीते दिन नई दिल्ली में गृह मंत्री अमित शाह ने बिहार और झारखंड के मुख्यमंत्री से मुलाकात की, जिसके बाद दोनों राज्यों के बीच जल बंटवारे को लेकर सहमति बन गई है।
वहीं अब इसे लेकर झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन सरकार ने खुशी जाहिर करते हुए गृह मंत्री अमित शाह का धन्यवाद जताया। उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर इसकी जानकारी दी है। सोमवार को नई दिल्ली में हुई बैठक में झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोन नदी के जल बंटवारे से जुड़े समझौते पर हस्ताक्षर किए।
हेमंत सोरेन सरकार ने जताई खुशी
झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर खुशी जाहिर करते हुए लिखा कि नई दिल्ली में माननीय गृह मंत्री आदरणीय श्री अमित शाह जी की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में सोन नदी के जल बंटवारे को लेकर वर्षों से चले आ रहे विषय के समाधान की दिशा में आज एक महत्वपूर्ण कदम उठाया।
नई दिल्ली में माननीय गृह मंत्री आदरणीय श्री @AmitShah जी की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में सोन नदी के जल बंटवारे को लेकर वर्षों से चले आ रहे विषय के समाधान की दिशा में आज एक महत्वपूर्ण कदम उठाया।
वर्षों से झारखंड और बिहार के बीच सोन नदी के जल बंटवारे का विषय लंबित था। लंबे समय से… pic.twitter.com/8som56c9Sp
— Hemant Soren (@HemantSorenJMM) August 31, 2026
वर्षों से झारखंड और बिहार के बीच सोन नदी के जल बंटवारे का विषय लंबित था। लंबे समय से चले आ रहे विमर्श, तकनीकी विचार-विमर्श और आपसी प्रयासों के बाद दोनों राज्यों के बीच सहमति बनी है। यह समझौता झारखंड के जल हितों की रक्षा के साथ-साथ किसानों, सिंचाई व्यवस्था और राज्य की भविष्य की जल आवश्यकताओं को मजबूती देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम होगा।
किसानों और सिंचाई को मिलेगा फायदा
केंद्र सरकार के अनुसार, इस समझौते से बिहार और झारखंड के बड़े ग्रामीण क्षेत्रों में लाखों किसानों को सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। इसके अलावा लोगों की पेयजल जरूरतों को पूरा करने में भी यह समझौता महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
झारखंड के लिए खास तौर पर यह समझौता महत्वपूर्ण है, क्योंकि राज्य के कई पठारी और सूखा प्रभावित क्षेत्रों में जल उपलब्धता एक बड़ी चुनौती रही है। लेकिन अब इस सहमति के बाद झारखंड और बिहार के लाखों किसानों को फायदा पहुंचेगा।
