Mamata Banerjee: पश्चिम बंगाल में बीजेपी की प्रचंड जीत के बाद से ही Mamata Banerjee और टीएमसी के बुरे दिन शुरू हो गए है। दुख के घड़ी में विधायकों को साथ रहना चाहिए, तो उन्होंने पार्टी के खिलाफ ही मोर्चा खोल दिया है। बात यहां तक पहुंच गई है कि टीएमसी में दूसरा खेमा तैयार हो चुका है।
और दावा किया जा रहा है कि 50 से अधिक विधायक उनके पास है। गौरतलब है कि अगर यह सच है तो दीदी की परेशानी और बढ़ सकती है, क्योंकि फिर पार्टी का टूटना तय है। पश्चिम बंगाल में सियासत पूरी तरह के गरमा गई है। कई तरह के सवाल भी खड़े होना शुरू हो गए है। आईए समझते है इसके मायने।
क्या टीएमसी में होंगे दो फाड़?
जानकारी के मुताबिक Mamata Banerjee की पार्टी तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) दो फाड़ होने की आशंका और बढ़ गई है। माना जा रहा है कि पार्टी में बड़ा विभाजन होने जा रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक लगभग 60 बागी विधायक निष्कासित विधायक ऋतब्रता बनर्जी को राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता के रूप में समर्थन देने के लिए तैयार हैं।
सबसे खास बात है कि अगर ऐसा होता है तो इस विभाजित गुट को राज्य विधानसभा में आधिकारिक टीएमसी के रूप में स्थापित कर सकता है। जिसका सबसे बड़ा उदाहरण है 2022 में महाराष्ट्र में हुए शिवसेना पार्टी का विभाजन। यानि आने वाले समय में दीदी और अभिषेक बनर्जी की टेंशन बढ़ सकती है।
कौन है ऋतब्रत बनर्जी?
पश्चिम बंगाल विधानसभा में हालिया राजनीतिक संकट के बीच ऋतब्रत बनर्जी का नाम नेता प्रतिपक्ष पद के लिए सामने आया है। रिपोर्टों के अनुसार, टीएमसी के भीतर असंतुष्ट विधायकों के एक समूह ने उन्हें विपक्ष का नेता बनाने का समर्थन किया है। इस घटनाक्रम ने पार्टी में संभावित टूट की अटकलों को और तेज कर दिया है।
यानि अगर बागी विधायक अपनी बहुमत पेश करने में सफल हो जाते है तो हो सकता है कि Mamata Banerjee की पार्टी टीएमसी टूट जाए। वहीं अब पार्टी बचाने के लिए जल्द दिल्ली आ रही है और वह इंडिया गठबंधन के नेताओं के साथ बैठक करेंगी। यह तो साफ है आने वाले दिन दीदी और अभिषेक बनर्जी के लिए बेहद चुनौतीपूर्ण होने वाले है।
