Raj Thackeray: बहुचर्चित बीएमसी चुनाव के परिणाम स्पष्ट हो चुके हैं। अब ये तय है कि बीएमसी पर बीजेपी की बादशाहत रहेगी। 118 सीटें जीतकर बीजेपी गठबंधन ने बीएमसी से शिवसेना यूबीटी के प्रभुत्व को कम कर दिया है। बीएमसी चुनाव में मिली करारी हार के बाद राज ठाकरे की पहली प्रतिक्रिया सामने आई है। महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के प्रमुख राज ठाकरे ने शिवसेना यूबीटी और एमएनएस के सभी विजयी पार्षदों को बधाई दी है। इस दौरान उन्होंने बीएमसी चुनाव 2026 को धन और सत्ता की शक्ति बनाम शिवसेना की शक्ति की लड़ाई बताई है। राज ठाकरे ने ये भी कहा है कि उनकी लड़ाई मराठी लोग, भाषा और पहचान के लिए है। राज ठाकरे ने उद्धव ठाकरे संग गठबंधन पर भी बड़ा संकेत दिया है।
बीएमसी चुनाव में हार के बाद क्या बोले Raj Thackeray?
अपने आधिकारिक एक्स हैंडल से पोस्ट जारी कर राज ठाकरे ने बीएमसी चुनाव में हार के बाद पहली प्रतिक्रिया दी है।
राज ठाकरे ने पोस्ट जारी कर लिखा कि “सर्वप्रथम, महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना और शिवसेना के सभी निर्वाचित पार्षदों को मेरी हार्दिक बधाई। इस बार का चुनाव आसान नहीं था। यह धन और सत्ता की शक्ति बनाम शिवसेना की शक्ति की लड़ाई थी। लेकिन ऐसे संघर्ष में भी दोनों दलों के कार्यकर्ताओं ने जमकर मुकाबला किया। एमएनस को इस बार अपेक्षित सफलता नहीं मिली, लेकिन हम निराश होने वालों में से नहीं हैं। अगर हमारे पार्षदों को मराठा लोगों के खिलाफ कुछ भी होता हुआ दिखाई देता है, तो वे निश्चित रूप से सत्ता में बैठे लोगों को न्याय के कटघरे में लाएंगे।”
एमएनएस प्रमुख आगे कहते हैं कि “हमारी लड़ाई मराठी लोगों के लिए, मराठी भाषा के लिए, मराठी पहचान के लिए और एक समृद्ध महाराष्ट्र के लिए है। यह लड़ाई हमारा अस्तित्व है। ऐसी लड़ाइयाँ लंबी चलती हैं। हम सभी को मिलकर विश्लेषण करना होगा और इस बात पर कार्रवाई करनी होगी कि क्या गलत हुआ, क्या छूट गया, क्या कमी थी और क्या करने की आवश्यकता है।”
उद्धव ठाकरे संग गठबंधन पर एमएनएस चीफ का बड़ा संकेत
निकाय चुनाव में राज ठाकरे ने उद्धव ठाकरे की पार्टी शिवसेना यूबीटी के साथ मिलकर चुनाव लड़ा था। इससे पूर्व एमएनएस लोकसभा से लेकर विधानसभा तक के चुनाव शिवसेना के खिलाफ लड़ चुकी है। ऐसे में राज ठाकरे ने कहा है कि “हमें अपने मराठी लोगों के साथ मजबूती से खड़ा रहना होगा। चुनाव आते-जाते रहेंगे, लेकिन हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि हमारी सांस मराठी है। जल्द ही मिलते हैं। चलिए काम पर वापस लौटते हैं। चलिए अपनी पार्टी और संगठन को नए सिरे से खड़ा करते हैं।” ये दर्शाता है कि राज ठाकरे अभी अपने चचेरे भाई उद्धव ठाकरे की पार्टी से गठबंधन जारी रख सकते हैं।
