पटना में Nitish Kumar की दो दशकों की राजनीतिक पारी पर विराम! लुटियंस दिल्ली के मेहमान बन संभालेंगे मोर्चा; नए CM को लेकर कवायद तेज

Nitish Kumar ने आज अंतत: राज्यसभा सांसद के रूप में पद व गोपनियता की शपथ ले ली है। इसके साथ ही पटना में नए सीएम फेस को लेकर सियासी उठा-पटक का दौर शुरू है। कई नए नाम हैं जिन पर चर्चाओं का दौर जारी है।

Nitish Kumar

Picture Credit: गूगल (सांकेतिक तस्वीर)

Nitish Kumar: सियासत के एक माहिर खिलाड़ी ने बिहार की राजधानी को अलविदा कह दिया है। यहां अलविदा कहने का आशय एक पद को छोड़ लुटियंस दिल्ली में दूसरे पद को ग्रहण करना है। राजनीति में दिलचस्पी रखने वाले समझ गए होंगे कि बात नीतीश कुमार के संदर्भ में हो रही हैं। दरअसल, बिहार सीएम ने आज नई दिल्ली में राज्यसभा सांसद के रूप में शपथ ली है।

अब वे आधिकारिक रूप से भारत के उच्च सदन यानी राज्यसभा के सदस्य हो गए हैं। पटना में उनकी सियासी पारी पर विराम लगने के बाद नए सीएम फेस को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। सम्राट चौधरी, नित्यानंद यादव, संजीव चौरसिया समेत तमाम दिग्गज नेताओं के नाम पर चर्चा शुरू हो चुकी है। सवाल उठ रहे हैं कि किसके सिर मुख्यमंत्री का ताज सजेगा? नीतीश कुमार के बाद बिहार में सत्ता की शीर्ष पर कौन बैठेगा?

दो दशक बाद पटना की सियासत छोड़ दिल्ली पहुंचे Nitish Kumar!

बिहार की राजनीति पर नजर रखने वालों को अंदाज होगा कि पटना में कितना बड़ा सियासी खेल हुआ है। नीतीश कुमार ने आज नई दिल्ली में राज्यसभा सदस्य के रूप में पद एवं गोपनीयता की शपथ ली है। इसी के साथ वे करीब दो दशक बाद फिर लुटियंस दिल्ली के मेहमान बन गए हैं। इससे पूर्व नीतीश कुमार 1989 से 2005 तक लोकसभा सांसद के रूप में दिल्ली के मेहमान रह चुके हैं।

24 नवंबर, 2005 को दूसरी बार सीएम पद की शपथ लेने के बाद वे स्थायी रूप से पटना लौटे थे। तब से अप्रैल 2026 तक (जीतन राम मांझी प्रकरण छोड़कर) वे बिहार के मुख्यमंत्री बने रहे। हालांकि, अब उन्होंने पहले एमएलसी पद से इस्तीफा दे दिया है। आज राज्यसभा सांसद के रूप में उनका शपथग्रहण भी पूरा हो गया। इसके साथ ही वे पुन: लुटियंस दिल्ली के मेहमान बन गए हैं और राज्यसभा सदस्य के रूप में राजनीति करेंगे।

नए सीएम फेस को लेकर बिहार पॉलिटिक्स में तेज हुई कवायद!

सियासी घटनाक्रमों ने ये लगभग स्पष्ट कर दिया है कि बिहार में नई सरकार बनने जा रही है। नीतीश कुमार राज्यसभा सांसद के रूप में पटना छोड़ नई दिल्ली की राजनीति शुरू करेंगे। ऐसे में बिहार को नया मुख्यमंत्री मिलना तय है। नया सीएम जेडीयू से होगा या बीजेपी से इसको लेकर सस्पेंस की स्थिति बरकरार है। कयास लगाए जा रहे हैं कि बीजेपी अपना सीएम बनाकर वर्षों के इंतजार पर विराम लगाएगी।

इसी क्रम में सम्राट चौधरी, नित्यानंद यादव, संजीव चौरसिया जैसे दिग्गज नेताओं का नाम रेस में है। यदि कोई नया नाम सामने आ जाए तो चौंकिएगा मत, क्योंकि बीजेपी की राजनीतिक शैली यही है। मध्य प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़ इसके उदाहरण हैं। यही वजह है कि सबकी नजरें पटना से दिल्ली तक जारी सियासी गहमा-गहमी पर टिकीं हैं। किस क्षण समीकरण बदल जाए और किसके सिर सीएम का ताज सजेगा इसका पुख्ता जवाब समय आने पर ही पता चलेगा।

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