केरलम के पूर्व सीएम Pinarayi Vijayan की बढ़ी मुश्किलें, इस वजह से ईडी ने मारा छापा, जानें वजह

Pinarayi Vijayan: केरलम में नई सरकार बनते ही पूर्व सीएम पिनाराई विजयन की मुश्किलें बढ़ गई है। ईडी ने उनके आवास पर छापेमारी कर दी है।

Pinarayi Vijayan

फाइल फोटो

Pinarayi Vijayan: केरलम में नई सरकार बनने के बाद अब पूर्व सीएम Pinarayi Vijayan की  मुश्किलें बढ़ती हुई नजर आ रही है। दरअसल मनी लॉन्ड्रिंग मामले के सिलसिले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) बुधवार को केरल के पूर्व मुख्यमंत्री पिनारयी विजयन के तिरुवनंतपुरम स्थित आवास पर तलाशी ले रहा है।

बता दें कि यह कार्रवाई सुबह 6 बजे से जारी है। साथ ही राज्यभर में करीब 12 ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी जारी है। सबसे खास बात है कुछ विजयन के घर पर भी ईडी छापेमारी कर रही है। हालांकि आवास पर छापेमारी के संबंध में, सीपीआई (एम) के महासचिव एमए बेबी ने कहा कि “यह एक राजनीतिक चाल है।”

केरलम के पूर्व सीएम Pinarayi Vijayan की बढ़ी मुश्किलें

जानकारी के मुताबिक ईडी यानि प्रवर्तन निदेशालय ने बुधवार को केरल में 10 परिसरों पर तलाशी ली, जिनमें केरल के पूर्व मुख्यमंत्री और विपक्ष के नेता Pinarayi Vijayan का आवास भी शामिल है। यह तलाशी कोचीन मिनरल्स एंड रूटाइल लिमिटेड (सीएमआरएल) मामले के संबंध में की गई है।

अधिकारियों के मुताबिक आज सुबह से ही छापेमारी जारी है और विजयन के कार्यकाल के दौरान केरलम की राजनीति को हिला देने वाले विवादास्पद सीएमआरएल वित्तीय लेनदेन मामले से जुड़े आरोपियों के खिलाफ मिली विशिष्ट सूचनाओं के आधार पर सभी स्थानों पर छापेमारी की जा रही है। ईडी की यह कार्रवाई केरल उच्च न्यायालय द्वारा मंगलवार को सीएमआरएल मामले में एजेंसी की जांच को रद्द करने से इनकार करने के एक दिन बाद हुई है।

छापेमारी पर सीपीआई (एम) के महासचिव ने दी प्रतिक्रिया

न्यूज एजेंसी एएनआई से बात करते हुए सीपीआई (एम) के महासचिव एमए बेबी ने कहा कि “यह एक राजनीतिक चाल है। हम भली-भांति जानते हैं कि हमारे देश के विभिन्न हिस्सों में, जिनमें दिल्ली भी शामिल है, मुख्यमंत्रियों और उपमुख्यमंत्रियों सहित महत्वपूर्ण राजनीतिक नेताओं के खिलाफ मनगढ़ंत आरोप लगाकर गिरफ्तारियां की गई हैं।

अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया के मामले में, हम जानते हैं कि निचली अदालत ने उन्हें निर्दोष साबित कर दिया था। इसलिए यह भाजपा-आरएसएस की रणनीति का ही विस्तार है। प्रवर्तन निदेशालय आरएसएस-भाजपा सरकार और उसकी राजनीतिक उद्देश्यों के लिए अपनाई गई रणनीति का ही एक हिस्सा है।”

 

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