भारतवासियों को जल्द मिलेगी गुड न्यूज! मंत्रिपरिषद की बैठक में PM Modi ने दिया गुरूमंत्र, जानें सबकुछ

PM Modi: मीडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच भारत के प्रधानमंत्री  और उनके मंत्री पूरी तरह से एक्शन मोड में है। ताकि स्थिति से जल्द से जल्द निपटा जा सके।

PM Modi

फाइल फोटो

PM Modi: मीडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच भारत के प्रधानमंत्री  और उनके मंत्री पूरी तरह से एक्शन मोड में है। दरअसल PM Modi अपने 5 दिवसीय विदेशी दौरे से जैसी ही वापस आए, उन्होंने मंत्रीपरिषद की बैठक में हिस्सा लिया। जानकारी के मुताबिक यह मीटिंग 4 घंटे से भी अधिक समय तक चली, जिसमे कई प्रमुख विषयों पर चर्चा की गई। माना जा रहा है कि स्थिति को देखते हुए पहले से ही तैयारियां शुरू कर दी गई है।

न्यूज एजेंसी पीटीआई द्वारा दी जानकारी के मुताबिक यह बैठक 4 घंटे से भी ज्यादा चली। साथ ही इसमें सभी कैबिनेट मंत्री, राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और राज्य मंत्री शामिल हुए। जिसमे कई प्रमुख मुद्दों पर चर्चा हुई। गौरतलब है कि कुछ दिन पहले ही प्रधानमंत्री ने देशवासियों से पेट्रोल-डीजल का सीमित उपोग की बात कही थी।

PM Modi ने अपने मंत्रियों को दिया गुरूमंत्र

पीटीआई के मुताबिक प्रधानमंत्री  ने शुक्रवार को कहा कि उनकी मंत्रिपरिषद के साथ एक सार्थक बैठक हुई, जिसमें उन्होंने ‘जीवन की सुगमता’ और ‘व्यापार करने की सुगमता’ को बढ़ावा देने के लिए दृष्टिकोण और सर्वोत्तम प्रथाओं का आदान-प्रदान किया। मोदी ने कहा कि गुरुवार शाम को हुई बैठक में विकसित भारत के साझा सपने को साकार करने के लिए आगे सुधार करने के तरीकों पर भी चर्चा हुई।

सूत्रों के मुताबिक PM Modi मंत्रिपरिषद से कहा कि भारत को पूरी तरह विकसित राष्ट्र बनाने के लिए 2047 को लक्ष्य वर्ष मानकर काम किया जाए। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में भारत की जनता के लिए कई महत्वपूर्ण फैसले हो सकते है।

बैठक के बाद प्रधानमंत्री ने किया ट्वीट

4 घंटे से अधिक समय तक चली बैठक के बीद PM Modi ने अपने एक्स हैंडल से ट्वीट किया। उन्होंने लिखा कि “कल मंत्रिपरिषद की एक सार्थक बैठक हुई। हमने ‘जीवन की सुगमता’ और ‘व्यापार करने की सुगमता’ को बढ़ावा देने से संबंधित दृष्टिकोणों और सर्वोत्तम प्रथाओं का आदान-प्रदान किया और ‘विकसित भारत’ के हमारे साझा सपने को साकार करने के लिए आगे सुधार करने के तरीकों पर चर्चा की”।

माना जा रहा है कि अगर मीडिल ईस्ट में तनाव अगर बढ़ता है तो भारत में स्थिति चिंताजनक हो सकती है, जिसके देखते हुए यह बैठक की गई। हालांकि अब देखना दिलचस्प होगा मोदी सरकार इस एनर्जी संकट से कैसे निपटती है।

 

 

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