PM Modi Uzbekistan Visit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इन दिनों मध्य एशिया के अहम दौरे पर हैं। 29 से 30 अगस्त तक उज्बेकिस्तान की यात्रा के बाद प्रधानमंत्री मोदी किर्गिस्तान जाएंगे, जहां वह 26वें शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। ताशकंद दौरे के दौरान पीएम मोदी ने योग सत्र में भी हिस्सा लिया। अब उनकी उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शावकत मिर्जियोयेव के साथ द्विपक्षीय वार्ता पर सबकी नजरें टिकी हैं।
माना जा रहा है कि निवेश, सुरक्षा और रणनीतिक सहयोग समेत कई अहम मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है। इसके अलावा एससीओ मीटिंग में प्रधानमंत्री रूस के प्रधानमंत्री व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात कर सकते है। चलिए आपको बताते है इससे जुड़ी सभी अहम जानकारी।
पीएम मोदी उज़्बेकिस्तान के योग फेडरेशन में हुए शामिल
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उज़्बेकिस्तान के योग फ़ेडरेशन द्वारा आयोजित योग कार्यक्रम में शामिल हुए। गौरतलब है कि उज़्बेकिस्तान की दो दिवसीय राजकीय यात्रा पर हैं। आज बाद में, प्रधानमंत्री दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को और मज़बूत करने के लिए राष्ट्रपति शौकत मिर्ज़ियोयेव के साथ प्रतिनिधिमंडल स्तर की बातचीत करेंगे। जिसमे निवेश, सुरक्षा और रणनीतिक सहयोग शामिल होंगे।
#WATCH | Tashkent, Uzbekistan: Prime Minister Narendra Modi participates in a yoga programme organised by the Yoga Federation of Uzbekistan
PM Modi is on a two-day state visit to Uzbekistan. Later today, the Prime Minister will hold delegation-level talks with President… pic.twitter.com/uQLBrzFcrp
— ANI (@ANI) August 30, 2026
गौरतलब है कि योग के माध्यम से भारत लंबे समय से दुनिया के कई देशों के साथ अपनी सांस्कृतिक कूटनीति को मजबूत करने की कोशिश कर रहा है। पीएम मोदी की मौजूदगी ने इस कार्यक्रम को खास बना दिया।
इन मुद्दों पर हो सकती है बातचीत
जानकारी के मुताबिक पीएम मोदी और उज़्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शौकत मिर्ज़ियोयेव के बीच बातचीत होगा। जानकारी के मुताबिक –
- व्यापार और निवेश – दोनों देश आर्थिक संबंधों और आपसी व्यापार को बढ़ाने के नए रास्तों पर विचार कर सकते हैं।
- सुरक्षा सहयोग – आतंकवाद, उग्रवाद और संगठित अपराध जैसे खतरों से निपटने के लिए सहयोग अहम मुद्दा रह सकता है।
- ऊर्जा और कनेक्टिविटी – मध्य एशिया के साथ भारत की आर्थिक और रणनीतिक कनेक्टिविटी को मजबूत करने पर भी चर्चा संभव है।
- फार्मा और स्वास्थ्य – भारतीय दवा उद्योग और उज्बेकिस्तान के बीच पहले से मौजूद सहयोग को और विस्तार दिया जा सकता है।
- शिक्षा और संस्कृति – छात्र आदान-प्रदान, पर्यटन और सांस्कृतिक संपर्क बढ़ाने पर भी फोकस रह सकता है।
इन क्षेत्रों में होने वाले किसी नए समझौते की अंतिम जानकारी दोनों देशों की आधिकारिक घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगी।
