‘उनके शरीर में जहर…’ क्या Prateek Yadav की हुई हत्या? सपा नेता रविदास मेहरोत्रा के आरोप से मची सनसनी, जानें सबकुछ

Prateek Yadav की मौत के पीछे हत्या की साजिश थी? सपा नेता रविदास मेहरोत्रा ने शरीर में जहर होने का बड़ा आरोप लगाकर मचाई सनसनी।

Prateek Yadav

फाइल फोटो

Prateek Yadav: बीते दिन मुलायम यादव के बेट और बीजेपी नेता अपर्णा यादव के पति Prateek Yadav की 38 साल की उम्र में ही मौत हो गई थी। जानकारी के मुताबिक उन्हें 13 मई को तड़के सिविल असप्ताल ले जाया गया। जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। बता दें कि डॉक्टरों की तरफ से पोस्टमार्टम भी किया गया। इसी बीच अब सपा नेता रविदास मेहरोत्रा ने प्रतीक की मौत पर गंभीर सवाल उठाया है। सपा नेता ने गंभीरप आरोप लगाते हुए कहा है कि उनके जहर दिया गया है और उनकी जांच होनी चाहिए। जिसके बाद कई तरह के सवाल खड़े हो रहे है। आईए समझाते है आपको की क्या है पूरा माजरा।

क्या Prateek Yadav की हुई हत्या?

बता दें कि Prateek Yadav की मौत के बाद सपा नेता रविदास मेहरोत्रा ने न्यूज एजेंसी एएनआई से बात करते हुए कहा कि “हम उनके असामयिक और अचानक निधन से बेहद दुखी और आहत हैं। प्रतीक यादव को अस्पताल ले जाने से पहले ही उनकी मृत्यु हो गई थी। अस्पताल के डॉक्टरों ने उन्हें देखते ही मृत घोषित कर दिया था। उनकी मृत्यु स्वाभाविक नहीं थी। उनकी मृत्यु संदिग्ध परिस्थितियों में हुई। उनके शरीर पर चोट के निशान थे। उनके शरीर में जहर पाया गया। इसलिए उनका पोस्टमार्टम किया गया। स्वाभाविक मृत्यु के मामलों में पोस्टमार्टम नहीं किया जाता। पोस्टमार्टम के बाद उनके शव को 5 घंटे तक मुर्दाघर में रखा गया।

हमने उनकी मृत्यु के कारणों की जांच की मांग की है। डॉक्टरों ने भी कहा है कि उनके शरीर पर चोट के निशान थे और शरीर नीला पड़ गया था, जिससे ऐसा प्रतीत होता है कि उन्हें जहर दिया गया था। उनके शव को उनके घर पर रखा गया है, जिससे ऐसा लगता है कि उनकी मृत्यु स्वाभाविक नहीं थी। हमने मांग की है कि प्रतीक यादव की मृत्यु की जांच उच्च न्यायालय के एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश द्वारा की जाए”।

क्या कहती है Prateek Yadav की पोस्टमार्टम रिपोर्ट

लखनऊ स्थित किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी से प्रतीक यादव की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृत्यु का कारण फेफड़ों में भारी रक्तपिंडों के जमाव के कारण हृदय-श्वसन संबंधी विफलता बताया गया है। रिपोर्ट में उनके शरीर पर पाए गए छह “मृत्युपूर्व” (एंटीमॉर्टम) घावों का भी उल्लेख है।

हालांकि, हिस्टोपैथोलॉजिकल जांच के लिए फॉर्मेलिन में संरक्षित संपूर्ण हृदय और फेफड़ों में रक्तपिंडों से प्राप्त सामग्री और रासायनिक विश्लेषण के लिए संरक्षित आंतरिक अंगों को संबंधित पोस्टमार्टम अधिकारी को सौंप दिया गया है। वहीं अब देखना होगा की सपा नेता के आरोपों पर क्या पुलिस एक्शन कोई लेती है या नहीं।

 

 

 

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