Rahul Gandhi: क्या होता है ‘राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा’ जिस दौरान डोकलाम का जिक्र कर घिरे LoP? बीजेपी का करारा पलटवार

Rahul Gandhi ने आज संसद सत्र की कार्यवाही में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान डोकलाम और चीनी घुसपैठ का जिक्र किया। राहुल गांधी के इस बयान पर आपत्ति जताते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने संसद में ही जोरदार पलटवार किया है।

Rahul Gandhi: संसद की कार्यवाही के दौरान आज फिर गहमा-गहमी देखने को मिली। नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी आज लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान अपना पक्ष रख रहे थे। इसी दौरान उन्होंने एक लेख को दर्शाते हुए ‘डोकलाम’ का जिक्र कर दिया। डोकलाम का नाम सामने आते ही रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह राहुल गांधी पर भड़क उठे और उन्हें बिना तथ्यों के जानकारी सदन के पटल पर ना रखने की नसीहत दे डाली।

बजट सत्र की कार्यवाही के दौरान राहुल गांधी के बयान का जिक्र करते हुए केन्द्रीय मंत्री किरेन रिजिजू व सांसद निशिकांत दूबे ने भी उन पर निशाना साधा है। ऐसे में आइए हम आपको राहुल गांधी के संबोधन की पूरी जानकारी देते हैं। साथ ही ये भी बताते हैं कि राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा क्या होती है जिसको लेकर सदन में गहमा-गहमी देखने को मिली।

संसद की कार्यवाही के दौरान Rahul Gandhi ने किया डोकलाम का जिक्र!

राहुल गांधी ने आज संसद की कार्यवाही के दौरान डोकलाम का जिक्र किया। बजट सत्र में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान उन्होंने कई पहलुओं पर सरकार का ध्यान आकर्षित किया।

नेता प्रतिपक्ष ने डोकलाम और चीनी घुसपैठ पर बोलते हुए पूर्व सेनाध्यक्ष जनरल नरवणे की एक किताब का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि “रक्षा मंत्री, गृह मंत्री और प्रधानमंत्री हमारी पार्टी, पार्टी नेताओं और हमारे राष्ट्रवाद पर सवाल उठाते हैं। यह लेख प्रधानमंत्री के चरित्र के बारे में है। यह न तो चीन के बारे में है और न ही प्रधानमंत्री के बारे में।”

कांग्रेस सांसद ने आगे कहा कि “इसमें ऐसा क्या है जो उन्हें इतना डरा रहा है? अगर वे नहीं डर रहे हैं, तो मुझे इसे पढ़ने की अनुमति मिलनी चाहिए। यह बात उन्होंने तब कही जब स्पीकर ने पूर्व सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे (सेवानिवृत्त) के अप्रकाशित कार्यों से उद्धरण वाली एक पत्रिका की कहानी को उद्धृत करने पर रोक लगा दी। सांसद ने चीन से संबंधित मुद्दा उठाया था।” राहुल गांधी के इस कथन ने सदन का सियासी पारा चढ़ा दिया और गहमा-गहमी देखने को मिली।

सदन में राहुल गांधी पर बीजेपी का करारा पलटवार!

बीजेपी ने सदन के भीतर ही राहुल गांधी पर करारा पलटवार कर इसे गलत बताया। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने खुद राहुल गांधी के संबोधन पर आपत्ति जताई।

राजनाथ सिंह ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी द्वारा सदन में एक प्रकाशित पत्रिका के उद्धरण उद्धृत करने पर आपत्ति जताई, जो सदन के नियमों के विरुद्ध है। राहुल गांधी का कहना है कि उनका स्रोत प्रामाणिक है और इसमें पूर्व सेना जनरल (एमएम नरवणे) के अप्रकाशित संस्मरणों के उद्धरण शामिल हैं।

सांसद निशिकांत दूबे ने भी राहुल गांधी के संबोधन को तथ्यहीन बताते हुए पलटवार किया।

निशिकांत दूबे ने सदन परिसर में मीडिया से बात करते हुए कहा कि “संसद में हम जो कुछ भी बोलते हैं, वह संविधान के अनुच्छेद 105 द्वारा नियंत्रित होता है। यह कहता है कि संविधान के अनुच्छेद 19, जो बोलने की स्वतंत्रता से संबंधित है, को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। अनुच्छेद 19 के बिंदु 2, 3 और 4 में कहा गया है कि ऐसे मामलों पर चर्चा करने से बचना चाहिए जो अन्य देशों, विशेषकर पड़ोसी देशों के साथ संबंधों को नुकसान पहुंचा सकते हैं, या राष्ट्रीय सुरक्षा से संबंधित मामलों पर चर्चा नहीं करनी चाहिए। ऐसे विषयों पर चर्चा नहीं की जानी चाहिए। उन्हें यह भी नहीं पता था कि वे किस पुस्तक का हवाला दे रहे हैं।”

क्या होता है राष्ट्रपति के अभिभाषण पर हुई चर्चा?

दरअसल, भारतीय संसदीय प्रणाली में इसे खास महत्व दिया गया है। राष्ट्रपति के लिए एक संवैधानिक बाध्यता है कि वे संसद सत्र की कार्यवाही से पहले राष्ट्र के अध्यक्ष के रूप में अपना अभिभाषण करते हैं। ये अभिभाषण सरकार की नीति का विवरण है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू अभिभाषण कर चुकी हैं जिस पर चर्चा जारी है। इसी दौरान राहुल गांधी भी अपना पक्ष रखते नजर जाए जिसको लेकर खूब हंगामा भी मचा।

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