Rahul Gandhi: संसद की कार्यवाही के दौरान आज फिर गहमा-गहमी देखने को मिली। नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी आज लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान अपना पक्ष रख रहे थे। इसी दौरान उन्होंने एक लेख को दर्शाते हुए ‘डोकलाम’ का जिक्र कर दिया। डोकलाम का नाम सामने आते ही रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह राहुल गांधी पर भड़क उठे और उन्हें बिना तथ्यों के जानकारी सदन के पटल पर ना रखने की नसीहत दे डाली।
बजट सत्र की कार्यवाही के दौरान राहुल गांधी के बयान का जिक्र करते हुए केन्द्रीय मंत्री किरेन रिजिजू व सांसद निशिकांत दूबे ने भी उन पर निशाना साधा है। ऐसे में आइए हम आपको राहुल गांधी के संबोधन की पूरी जानकारी देते हैं। साथ ही ये भी बताते हैं कि राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा क्या होती है जिसको लेकर सदन में गहमा-गहमी देखने को मिली।
संसद की कार्यवाही के दौरान Rahul Gandhi ने किया डोकलाम का जिक्र!
राहुल गांधी ने आज संसद की कार्यवाही के दौरान डोकलाम का जिक्र किया। बजट सत्र में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान उन्होंने कई पहलुओं पर सरकार का ध्यान आकर्षित किया।
LoP, Lok Sabha, Rahul Gandhi says,” The Defence Minister, Home Minister and the Prime Minister raise questions on our party, party leaders, and our nationalism. This article writes about the PM’s character…This is neither about China, nor the PM…”
Lok Sabha Speaker Om Birla… pic.twitter.com/eL00I5IoSG
— ANI (@ANI) February 2, 2026
नेता प्रतिपक्ष ने डोकलाम और चीनी घुसपैठ पर बोलते हुए पूर्व सेनाध्यक्ष जनरल नरवणे की एक किताब का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि “रक्षा मंत्री, गृह मंत्री और प्रधानमंत्री हमारी पार्टी, पार्टी नेताओं और हमारे राष्ट्रवाद पर सवाल उठाते हैं। यह लेख प्रधानमंत्री के चरित्र के बारे में है। यह न तो चीन के बारे में है और न ही प्रधानमंत्री के बारे में।”
“What does it contain which is scaring them so much? If they are not scared, I should be allowed to read on,” says LoP, Lok Sabha Rahul Gandhi, after the Speaker has ruled against him quoting from a magazine story containing quotes from the unpublished work of former Army chief… pic.twitter.com/hPj10DhNvh
— ANI (@ANI) February 2, 2026
कांग्रेस सांसद ने आगे कहा कि “इसमें ऐसा क्या है जो उन्हें इतना डरा रहा है? अगर वे नहीं डर रहे हैं, तो मुझे इसे पढ़ने की अनुमति मिलनी चाहिए। यह बात उन्होंने तब कही जब स्पीकर ने पूर्व सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे (सेवानिवृत्त) के अप्रकाशित कार्यों से उद्धरण वाली एक पत्रिका की कहानी को उद्धृत करने पर रोक लगा दी। सांसद ने चीन से संबंधित मुद्दा उठाया था।” राहुल गांधी के इस कथन ने सदन का सियासी पारा चढ़ा दिया और गहमा-गहमी देखने को मिली।
सदन में राहुल गांधी पर बीजेपी का करारा पलटवार!
बीजेपी ने सदन के भीतर ही राहुल गांधी पर करारा पलटवार कर इसे गलत बताया। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने खुद राहुल गांधी के संबोधन पर आपत्ति जताई।
Defence Minister Rajnath Singh objects to LoP, Lok Sabha, Rahul Gandhi, citing quotes from a published magazine story in the House, which is against the rules of the House. Rahul Gandhi states that his source is authentic and includes quotes from the unpublished memoirs of a… https://t.co/XDXmZij405 pic.twitter.com/oOCggmYjEp
— ANI (@ANI) February 2, 2026
राजनाथ सिंह ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी द्वारा सदन में एक प्रकाशित पत्रिका के उद्धरण उद्धृत करने पर आपत्ति जताई, जो सदन के नियमों के विरुद्ध है। राहुल गांधी का कहना है कि उनका स्रोत प्रामाणिक है और इसमें पूर्व सेना जनरल (एमएम नरवणे) के अप्रकाशित संस्मरणों के उद्धरण शामिल हैं।
सांसद निशिकांत दूबे ने भी राहुल गांधी के संबोधन को तथ्यहीन बताते हुए पलटवार किया।
#WATCH | Delhi | On Lok Sabha LoP Rahul Gandhi’s statement in the Parliament, BJP MP Nishikant Dubey says, “What we say in Parliament is governed by Article 105 of the Constitution, which states that we have freedom of speech. Article 105 also states that the Speaker has to make… pic.twitter.com/Fj5728AbCR
— ANI (@ANI) February 2, 2026
निशिकांत दूबे ने सदन परिसर में मीडिया से बात करते हुए कहा कि “संसद में हम जो कुछ भी बोलते हैं, वह संविधान के अनुच्छेद 105 द्वारा नियंत्रित होता है। यह कहता है कि संविधान के अनुच्छेद 19, जो बोलने की स्वतंत्रता से संबंधित है, को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। अनुच्छेद 19 के बिंदु 2, 3 और 4 में कहा गया है कि ऐसे मामलों पर चर्चा करने से बचना चाहिए जो अन्य देशों, विशेषकर पड़ोसी देशों के साथ संबंधों को नुकसान पहुंचा सकते हैं, या राष्ट्रीय सुरक्षा से संबंधित मामलों पर चर्चा नहीं करनी चाहिए। ऐसे विषयों पर चर्चा नहीं की जानी चाहिए। उन्हें यह भी नहीं पता था कि वे किस पुस्तक का हवाला दे रहे हैं।”
क्या होता है राष्ट्रपति के अभिभाषण पर हुई चर्चा?
दरअसल, भारतीय संसदीय प्रणाली में इसे खास महत्व दिया गया है। राष्ट्रपति के लिए एक संवैधानिक बाध्यता है कि वे संसद सत्र की कार्यवाही से पहले राष्ट्र के अध्यक्ष के रूप में अपना अभिभाषण करते हैं। ये अभिभाषण सरकार की नीति का विवरण है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू अभिभाषण कर चुकी हैं जिस पर चर्चा जारी है। इसी दौरान राहुल गांधी भी अपना पक्ष रखते नजर जाए जिसको लेकर खूब हंगामा भी मचा।
