Rahul Gandhi: भारत-यूएस ट्रेड डील के बाद से ही सियासत पूरी तरह से गरमा गई है। विपक्ष लगातार यह आरोप लगा रहा है कि इस डील से सबसे ज्यादा नुकसान किसानों को होने जा रहा है। इसके अलावा कांग्रेस पार्टी किसान नेताओं के साथ मीटिंग करने में लगी हुई है। वहीं खबर आ रही है कि किसान संगठन ट्रेड डील को लेकर विरोध प्रदर्शन कर सकते है। वहीं एक बार फिर कांग्रेस सांसद और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने पीएम मोदी और केंद्र सरकार से पांच सवाल पूछे है। हालांकि गृह मंत्री अमित शाह ने राहुल गांधी को खुला चैलेंज दे दिया है। जिसके बाद सियासत और गरमा गई है। गौरतलब है कि इस ट्रेड डील को लेकर संसद में भी जबरदस्त हंगामा हुआ है। वहीं अब गृह मंत्री ने खुला चैलेंज दे दिया है। चलिए आपको बताते है पूरा माजरा क्या है?
Rahul Gandhi ने ट्रेड डील पर पूछे ये 5 सवाल
कांग्रेस सांसद और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर लिखा कि US trade deal के नाम पर हम भारत के किसानों के साथ विश्वासघात होते हुए देख रहे हैं। मैं प्रधानमंत्री से कुछ आसान सवाल पूछना चाहता हूं।
1. DDG import करने का वास्तव में क्या मतलब है? क्या इसका मतलब यह है कि भारतीय मवेशियों को GM अमेरिकी मक्का से बने distillers grain खिलाए जाएंगे? क्या इससे हमारे दूध उत्पाद प्रभावी रूप से अमेरिकी कृषि उद्योग पर निर्भर नहीं हो जाएंगे?
2. अगर हम GM सोया तेल के आयात की अनुमति देते हैं, तो मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान और देशभर के हमारे सोया किसानों का क्या होगा? वे एक और कीमतों का झटका कैसे झेल पाएंगे?
US trade deal के नाम पर हम भारत के किसानों के साथ विश्वासघात होते हुए देख रहे हैं।
मैं प्रधानमंत्री से कुछ आसान सवाल पूछना चाहता हूं:
1. DDG import करने का वास्तव में क्या मतलब है? क्या इसका मतलब यह है कि भारतीय मवेशियों को GM अमेरिकी मक्का से बने distillers grain खिलाए जाएंगे?…
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) February 15, 2026
3. जब आप “additional products” कहते हैं, तो उसमें क्या-क्या शामिल है? क्या यह समय के साथ दाल और अन्य फसलों को अमेरिकी आयात के लिए खोलने के दबाव का संकेत है?
4. “Non-trade barriers” हटाने का क्या मतलब है? क्या भविष्य में भारत पर GM फसलों पर अपने रुख को ढीला करने, procurement को कमजोर करने या MSP और bonuses को कम करने का दबाव डाला जाएगा?
5. एक बार यह दरवाज़ा खुल गया, तो हर साल इसे और ज़्यादा खुलने से हम कैसे रोकेंगे? क्या इसकी रोकथाम होगी, या हर बार सौदे में धीरे-धीरे और भी फसलों को मेज़ पर रख दिया जाएगा?
किसानों को ये सफ़ाई तो मिलनी ही चाहिए। यह सिर्फ आज की बात नहीं है। ये भविष्य की भी बात है – क्या हम किसी दूसरे देश को भारत की कृषि उद्योग पर लंबे समय की पकड़ बनाने दे रहे हैं।
अमित शाह ने राहुल गांधी को दिया खुला चैलेंज
राहुल गांधी के आरोपों पर अमित शाह ने कहा कि “राहुल गांधी यूरोपीय संघ और ब्रिटेन के साथ हुए मुक्त व्यापार समझौते को लेकर गुमराह कर रहे हैं, और अमेरिका के साथ हुए व्यापार समझौते ने किसानों के हितों को नुकसान पहुंचाया है। मैं राहुल गांधी को चुनौती देना चाहता हूं। कोई भी मंच स्थापित कीजिए, भाजपा के युवा विंग का अध्यक्ष आकर आपसे चर्चा करेगा कि नुकसान किसने पहुंचाया है?
#WATCH | Gandhinagar, Gujarat: Union Home Minister Amit Shah says, “He (Rahul Gandhi) is misleading the FTA with the European Union and the UK, and the trade agreement with the United States has harmed the interests of farmers. I want to challenge Rahul Gandhi. Set up any… pic.twitter.com/D27UB1xpmz
— ANI (@ANI) February 15, 2026
आज मैं इस मंच पर देश के किसानों को यह बताने आया हूं कि राहुल गांधी झूठ बोल रहे हैं; वे देश के किसानों को गुमराह कर रहे हैं। ब्रिटेन और यूरोपीय संघ के साथ हुए मुक्त व्यापार समझौते और अमेरिका के साथ हुए व्यापार समझौते में प्रधानमंत्री मोदी ने किसानों को पूरी तरह से संरक्षित किया है। किसी को चिंता करने की जरूरत नहीं है।”






