Mohan Bhagwat: चर्चित समान नागरिक संहिता कानून नए सिरे से देश भर में सुर्खियां बटोर रहा है। इसकी प्रमुख वजह है आरएसएस चीफ का एक बयान जो उन्होंने संघ की शताब्दी वर्ष पर आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान दिया। मोहन भागवत ने यूनिफॉर्म सिविल कोड यानी यूसीसी को पूरे देश में लागू करने की वकालत कर दी।
इस दौरान उन्होंने उत्तराखंड की धामी सरकार को लगभग सराहा जिसने पिछले वर्ष जनवरी में UCC लागू किया था। मोहन भागवत ने साफ तौर पर कहा कि यूसीसी का लागू होना सामाजिक एकता के लिए बेहद जरूरी है। मोहन भागवत ने ये बात ऐसे समय में की है जब तमाम मुस्लिम संगठन इस चर्चित कानून का विरोध कर चुके हैं। यही वजह है कि आरएसएस प्रमुख का बयान खूब सुर्खियों में है।
यूसीसी की वकालत कर बड़ी बात बोल गए संघ प्रमुख Mohan Bhagwat
संघ की शताब्दी वर्ष पर आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान मोहन भागवत ने यूसीसी की वकालत करते हुए बड़ी बात कही है। आरएसएस प्रमुख ने कहा है कि “अगर यूसीसी लागू हो जाए तो यह बहुत अच्छी बात होगी। पूरे देश में लागू हो तो और भी अच्छा होगा, लेकिन मेरा मानना है कि इसे उत्तराखंड की तरह ही लागू किया जाना चाहिए।”
मालूम हो कि पिछल वर्ष 27 जनवरी को उत्तराखंड की धामी सरकार ने समान नागरिक संहिता कानून को लागू किया था। इसी के साथ उत्तराखंड यूसीसी लागू करने वाला देश का पहला राज्य भी बना था। उसके बाद से अभी किसी भी राज्य में यूसीसी लागू नहीं हुआ है। मोहन भागवत ने इसकी महत्ता पर जोर देते हुए नया कानून लागू करने की बात कही है।
मुस्लिम संगठनों के विरोध के बीच मुखर हुए RSS चीफ!
गौरतलब है कि यूसीसी का विरोध मुस्लिम समुदाय मुखरता के साथ कर रहा है। जमीयत उलेमा-ए-हिंद, जमात-ए-इस्लामी हिंद, अहले हदीस, ऑल इंडिया इमाम ऑर्गनाइजेशन समेत तमाम मुस्लिम संगठन समान नागरिक संहिता के विरोध में हैं। मुस्लिम समुदाय चर्चित यूसीसी को अल्पसंख्यक अधिकारों का उल्लंघन मानता है। इसी क्रम में चहुंओर इसके खिलाफ आवाज उठती है।
हालांकि, इन उठते आवाज के बीच मोहन भागवत ने मुखरता से यूसीसी लागू करने की वकालत की है। मोहन भागवत का साफ कहना है कि यूसीसी समाज से एकजुट रखने और सौहार्द बनाए रखने के लिए बेहद अहम है। इसे उत्तराखंड की तर्ज पर ही पूरे देश में लागू करना चाहिए। मुस्लिम संगठनों के विरोध के बीच संघ प्रमुख मोहन भागवत की टिप्पणी सुर्खियों में है।
