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Mohan Bhagwat के किस बयान को लेकर मुस्लिम समुदाय में रोष? हिंदुओं को 3 बच्चे पैदा करने की सलाह देकर क्या बोले RSS प्रमुख? जानें

Mohan Bhagwat

Picture Credit: गूगल (सांकेतिक तस्वीर)

Mohan Bhagwat: लखनऊ के निराला नगर में स्थित सरस्वती शिशु मंदिर में आयोजित एक कार्यक्रम राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियां बटोर रहा है। बीते कल 17 फरवरी को संपन्न हुए इस कार्यक्रम में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत मुख्य वक्ता के रूप में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने मुसलमानों का जिक्र कर ‘घर वापसी’ की बात कह दी है जिसको लेकर एक रोष का माहौल है।

मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने मोहन भागवत के बयान पर तल्ख प्रतिक्रिया देते हुए इसकी आलोचना की है। इतना ही नहीं, मोहन भागवत द्वारा हिंदुओं को कम से कम तीन बच्चे पैदा करने की सलाह देना भी सुर्खियां बटोर रहा है। आइए हम आपको पूरे प्रकरण के बारे में बताते हैं।

संघ प्रमुख Mohan Bhagwat के ‘घर वापसी’ बयान पर छिड़ा घमासान!

आरएसएस चीफ ने बीते कल लखनऊ में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान मुसलमानों से ‘घर वापसी’ की बात कही थी। इसको लेकर मौलाना रजवी ने तल्ख प्रतिक्रिया दी है। मौलाना का कहना है कि “इसे मैं घर वापसी नहीं धर्मांतरण समझता हूं। वो एक तरीके से घर वापसी नहीं है, धर्म बदलना है।”

मौलाना रजवी ने धर्मांतरण का जिक्र कर कहा कि इसके लिए कानून बन चुका है। यदि कोई धर्मांतरण में संलिप्त पाया जाता है, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई होती है। मौलाना रजवी ने आरएसएस चीफ मोहन भागवत द्वारा ‘घर वापसी’ को लेकर की गई टिप्पणी को धर्मांतरण के रूप में पेश किया है। इससे इतर भी तमाम अन्य लोग हैं जो मोहन भागवत की बयान पर प्रतिक्रिया दे रहे हैं।

मुसलमानों के अरब से न आने वाले मोहन भागवत के बयान को लेकर भी प्रतिक्रियाओं का दौर आया है। मौलाना रजवी ने इसका समर्थन करते हुए कहा है कि “मोहन भागवत का यह कथन कि मुसलमान अरब से नहीं आए, बिल्कुल सही है। भारत में जो हिंदू, बौद्ध, दलित और आदिवासी थे, उन पर अन्याय हुआ। जब मुस्लिम शासक आए और उन्होंने न्याय के आधार पर निर्णय लिए, तब उन्होंने मनुष्यों को मानवता का दर्जा दिया।”

हिंदुओं को तीन बच्चे पैदा करने की सलाह देकर क्या बोले RSS चीफ?

राजधानी लखनऊ में सामाजिक सद्भाव बैठक को संबोधित करते हुए मोहन भागवत ने हिंदुओं को कम से कम तीन बच्चे पैदा करने की सलाह दी है। संघ प्रमुख ने कहा कि भारत में हिंदू समाज को किसी से खतरा नहीं हैं, लेकिन सावधान रहना जरूरी है। इसी क्रम में उन्होंने हिंदुओं से कम से कम तीन बच्चे पैदा करने की सलाह दी है। मोहन भागवत ने कहा कि जहां तीन से कम बच्चे पैदा होते हैं, वह समाज धीरे-धीरे समाप्त हो जाता है। मोहन भागवत के इस बयान को लेकर भी जमकर सुर्खियां बन रही हैं।

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