Rahul Gandhi: पूर्व सेनाध्यक्ष की किताब का जिक्र कर रहे राहुल गांधी को शिवसेना यूबीटी का समर्थन! संजय राउत ने सुर में सुर मिला दागे सवाल

Rahul Gandhi को शिवसेना यूबीटी सांसद संजय राउत का समर्थन मिला है। बीजेपी के आरोपों के बीच संजय राउत ने राहुल गांधी द्वारा संसद में उठाए गए प्रकरण को वाजिब बताते हुए सुर में सुर मिलाए हैं।

Rahul Gandhi: संसद में डोकलाम और चीनी घुसपैठ का जिक्र क्या हुआ कि देश का सियासी पारा चढ़ गया। नई दिल्ली में हुई चर्चा की गूंज महाराष्ट्र तक सुनी गई और शिवसेना यूबीटी की प्रतिक्रिया आ गई। यहां बात लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की हो रही है जिन्होंने बीते कल सदन में पूर्व थलसेनाध्यक्ष की अप्रकाशित किताब का जिक्र किया था। राहुल गांधी ने एमएम नरवणे के लेख का हवाला देते हुए संसद में डोकलाम और चीनी घुसपैठ का जिक्र किया। उन्हें अब संजय राउत का समर्थन मिला है। बीजेपी नेताओं द्वारा उठाए गए सवालों के बीच संजय राउत ने राहुल गांधी की सुर में सुर मिलाते हुए सवाल दागे हैं।

नेता प्रतिपक्ष Rahul Gandhi को शिवसेना यूबीटी का समर्थन!

राहुल गांधी को शिवसेना यूबीटी का समर्थन मिला है। संसद में पूर्व थलसेनाध्यक्ष एमएम नरवणे की किताब का जिक्र करने वाले प्रकरण पर संजय राउत की प्रतिक्रिया आई है।

संजय राउत का कहना है कि “राहुल गांधी ने राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा मुद्दा उठाने की कोशिश की। जब कोई पड़ोसी देश हमला करने के इरादे से आपके देश की सीमा के पास आता है, तो आपके देश के राजनीतिक नेतृत्व को फैसला लेना चाहिए। उस समय, जनरल नरवणे इस बारे में निर्देश मांग रहे थे कि क्या किया जाए, लेकिन हमारे प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री ने कोई फैसला नहीं लिया। अब जब यह मुद्दा उठा है, तो मुझे जनरल नरवणे की सुरक्षा को लेकर चिंता हो रही है। सरकार सोनम वांगचुक के मामले की तरह इस पर भी जरूर कुछ कदम उठाएगी। एमएम नरवणे की सुरक्षा बढ़ाई जानी चाहिए।”

कांग्रेस ने भी नेता प्रतिपक्ष की सुर में मिलाए सुर!

कीर्ति चिदंबरम और मनीष तिवारी समेत अन्य कई कांग्रेसी सांसदों ने भी नेता प्रतिपक्ष की सुर में सुर मिलाए हैं।

सांसद कीर्ति चिदंबरम का कहना है कि “#जनरल नरवणे सेना प्रमुख थे। उन्होंने एक किताब लिखी है जिसे सरकार रोक रही है। हालांकि, किताब के कुछ अंश प्रकाशित हो चुके हैं। विपक्ष के नेता का मकसद सिर्फ पूर्व सेना प्रमुख के बयान को सदन के संज्ञान में लाना था। सेना प्रमुख के बयान से सरकार इतनी असहज क्यों है? यह राष्ट्रीय सुरक्षा का मुद्दा है। देशभक्त होने के नाते हमें इस मुद्दे को उठाने और गंभीर सवाल पूछने का पूरा अधिकार है। सरकार संसदीय प्रक्रिया का सहारा लेकर इसे दबाने की कोशिश कर रही है। यह बहुत गंभीर मुद्दा है।”

मनीष तिवारी ने कहा है कि “1947 से चली आ रही भारत की संसदीय परंपरा के अनुसार, संसद में हमेशा राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दों पर चर्चा होती रही है। इसलिए मुझे समझ नहीं आ रहा कि यह हठधर्मिता कहां से आ रही है?”

क्या है संसद में गहमा-गहमी से जुड़ा पूरा मामला?

बजट सत्र की कार्यवाही में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान राहुल गांधी ने डोकलाम का जिक्र किया। उन्होंने पूर्व थलसेनाध्यक्ष की अप्रकाशित किताब ‘फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी’ का जिक्र करते हुए डोकलाम मुद्दा और चीनी घुसपैठ पर बात रखी। इसी दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आपत्ति जताई और अप्राकिश लेख को संसद के पटल पर रखना उल्लंघन बताया। फिर ओम बिड़ला की दखल हुई और राहुल गांधी का बयान संसद की कार्यवाही से हटाया गया। हालांकि, इस पूरे प्रकरण ने गहमा-गहमी को रफ्तार दी और बीजेपी के साथ कांग्रेस की तल्ख प्रतिक्रिया सामने आ रही है।

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