‘तमिल अस्मिता की अनदेखी..,’ Thalapathy Vijay की शपथग्रहण में ‘राज्य गीत’ को लेकर सहयोगी दलों ने ही उठाए सवाल; आनन-फानन में आई सफाई

Thalapathy Vijay के शपथग्रहण समारोह में राज्य गीत को पहले न बजाने पर टीवीके की सहयोगी दलों ने ही आपत्ति जताई। इसके बाद आनन-फानन में नई सरकार में मंत्री बने आधव अर्जुन ने बयान जारी कर सफाई दिया।

Thalapathy Vijay

Picture Credit: सोशल मीडिया

Thalapathy Vijay: सियासी उठा-पटक के बीच तमिलनाडु की राजनीति में कई घटनाक्रम देखने को मिले। अब सूबे में राज्य गीत को लेकर घमासान छिड़ने की खबर है। थलापति विजय के शपथग्रहण समारोह में राज्य गीत ‘तमिल थाई वाज़्थु’ की अनदेखी का दावा सामने आए। ये आपत्ति थलापति विजय की सहयोगी दलों की ओर से ही सामने आई। नई सरकार को समर्थन दे रही सीपीआई, सीपीएम, वीसीके और आईयूएमएल ने इसे तमिल अस्मिता और संस्कृति के खिलाफ बताते हुए निशाना साधा है। इसको लेकर मचे हो-हल्ला के बीच टीवीके ने सफाई जारी की है।

Thalapathy Vijay की शपथग्रहण में ‘राज्य गीत’ को लेकर सहयोगी दलों ने ही उठाए सवाल!

10 मई की तारीख तमिलनाडु की सियासत के लिए बेहद अहम रही। इस दिन चेन्नई में नई सरकार का गठन हुआ और थलापति विजय ने मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। इस शपथग्रहण समारोह के दौरान ही पहले राष्ट्रगान और फिर राष्ट्रगीत बजाया गया। इसके बाद राज्य गीत ‘तमिल थाई वाज़्थु’ की बारी आई। इसको लेकर टीवीके की सहयोगी दलों सीपीआई, सीपीएम, वीसीके और आईयूएमएल ने ही आपत्ति जताई और इसे तमिल अस्मिता के खिलाफ बताया। विपक्षी दलों ने भी तमिल पहचान की उपेक्षा का आरोप लगाते हुए थलापति विजय की नई सरकार पर निशाना साधा है।

आनन-फानन में टीवीके सरकार ने जारी की सफाई

मामले की गंभीरता को देखते हुए टीवीके की नई सरकार में मंत्री बने आधव अर्जुन ने सफाई जारी की। तमिल अस्मिता की अनदेखी के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए नए मंत्री ने कहा कि केन्द्र सरकार के नए सर्कुलर के कारण ऐसा करना पड़ा। आगे सभी राजकीय कार्यक्रमों में पुरानी परंपरा ही लागू रहेगी। इसके तहत सरकारी कार्यक्रमों की शुरुआत ‘तमिल थाई वजथु’ से होगी और अंत राष्ट्रगान से किया जाएगा। सरकार की ओर से जारी हुए स्पष्टीकरण को देख समझ सकते हैं कि ये मामले कितना गंभीर है। इसको लेकर हो-हल्ला भी देखने को मिला।

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