Uddhav Thackeray: मानसून सत्र से पहले बीजेपी ने अपना गेम प्लान शुरू कर दिया है। बता दे कि बीजेपी इस बार संसद में परिसीमन बिल पास करने पर जोड़ दे रही है। जब पिछली पर संसद में बिल आया था तो वो पास नही हो पाया था।
यह कारण है अब बीजेपी संसद में अपना बहुमत का आंकड़ा बढ़ाने का लगी हुए है। टीएमसी के बाद अब Uddhav Thakre के कुछ सांसदों के बागी होने की खबर है। जिसके बाद कही तरह के सवाल उठना शुरू हो गये है। आइए समझते है इसके मायने।
ममता बनर्जी के बाद Uddhav Thackeray के सांसद हुए बागी
पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) में जारी बगावत के बीच अब महाराष्ट्र की राजनीति से भी बड़ी खबर सामने आ रही है। खबरों के अनुसार, उद्धव ठाकरे की अगुवाई वाली शिवसेना (UBT) के कुछ सांसदों के पार्टी छोड़ने या अलग रुख अपनाने की अटकलों ने राजनीतिक गलियारों में हलचल बढ़ा दी है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक दावा किया गया है कि शिवसेना (UBT) के सात सांसद कथित तौर पर महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और शिवसेना प्रमुख एकनाथ शिंदे के संपर्क में हैं। हालांकि इन दावों की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन इस खबर ने उद्धव ठाकरे खेमे की चिंता बढ़ा दी है। अगर ऐसा होता है तो मानसून सत्र से पहले बीजेपी को बड़ा फायदा हो सकता है।
क्या है बीजेपी का नया गेम प्लान?
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार बीजेपी का फोकस केवल चुनाव जीतने तक सीमित नहीं है, बल्कि वह देशभर में अपना संगठनात्मक और संसदीय आधार मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रही है। इसके तहत क्षेत्रीय दलों के प्रभाव वाले राज्यों में अपनी पकड़ बढ़ाने, नए सहयोगी जोड़ने और विपक्षी दलों के असंतुष्ट नेताओं को अपने साथ लाने की कोशिशें तेज हुई हैं।
बीजेपी का लक्ष्य उन राज्यों में भी अपनी स्थिति मजबूत करना है, जहां अब तक क्षेत्रीय दलों का दबदबा रहा है। पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र, तमिलनाडु, तेलंगाना और ओडिशा जैसे राज्यों में पार्टी लगातार विस्तार की रणनीति पर काम कर रही है। इसके अलावा आगामी मानसून सत्र में कई अहम बिल पास हो सकते है, जिसे देखते हुए लगातार सांसदों को अपनी तरफ किया जा रहा है।
