‘खिलाड़ियों और टीम की छवि को खराब…’ Kirti Azad के बयान पर फूटा गौतम गंभीर का गुस्सा; हरभजन सिंह ने लगाई क्लास

Kirti Azad: भारत के पूर्व क्रिकेटर और टीएमसी सांसद Kirti Azad के बयान के बाद मामला गरमाया हुआ है। इस मामले पर अब गौतम गंभीर ने रिएक्ट किया है।

Kirti Azad

फाइल फोटो

Kirti Azad: भारत के पूर्व क्रिकेटर और टीएमसी सांसद Kirti Azad के बयान के बाद मामला गरमाया हुआ है। बता दें कि सूर्यकुमार यादव, हेड कोच गौतम गंभीर और आईसीसी अध्यक्ष जय शाह टी20 वर्ल्ड ट्रॉफी जीतने के बाद अहदाबाद के एक मंदिर पहुंचे थे। जहां उन्होंने पूजा-अर्चना की, जिसके बाद यह पूरा मामला गरमा गया है। दरअसल कीर्ति आजाद ने अपने एक्स हैंडल पर लिखा था कि “टीम इंडिया पर शर्म आती है!

जब हमने 1983 में कपिल देव की कप्तानी में विश्व कप जीता था, तब हमारी टीम में हिंदू, मुस्लिम, सिख और ईसाई खिलाड़ी थे। हम ट्रॉफी को अपनी धार्मिक जन्मभूमि, अपनी मातृभूमि भारत (हिंदुस्तान) में लाए थे। भारतीय क्रिकेट ट्रॉफी को क्यों घसीटा जा रहा है? मस्जिद क्यों नहीं? चर्च क्यों नहीं? गुरुद्वारा क्यों नहीं”?

Kirti Azad के बयान पर गौतम गंभीर ने दी प्रतिक्रिया

टीएमसी सांसद और पूर्व क्रिकेटर Kirti Azad के बयान पर, टीम इंडिया के मुख्य कोच गौतम गंभीर ने एएनआई को दिए एक इंटरव्यू में कहा कि “इस सवाल का जवाब देना भी बेकार है।

इस तरह के बयान खिलाड़ियों और टीम की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाते हैं, जो कि नहीं होना चाहिए।” बता दें कि कीर्ति आजाद के ईस बयान के बाद मामला पूरी तरह से गरमा गया है। कई पूर्व क्रिकेटर ने कीर्ति आजाद के बयान पर अपनी प्रतिक्रिया दी है।

हरजभजन सिंह ने भी टीएमसी सांसद की लगाई क्लास

न्यूज एजेंसी एएनआई से बात करते हुए भारत के पूर्व क्रिकेटर हरभजन सिंह ने Kirti Azad के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि “क्रिकेट की बात करें तो भारत बाकी देशों से बहुत आगे है। कप्तान सूर्यकुमार यादव, कोच गौतम गंभीर को बहुत बधाई। उम्मीद है कि विश्व क्रिकेट में भारत का दबदबा इसी तरह बना रहे।

TMC सांसद और पूर्व क्रिकेटर कीर्ति आज़ाद के बयान पर उन्होंने कहा, “कोई इस चीज़ को लेकर भी अगर राजनीति कर रहा है कि वे मंदिर गए तो यह बेतुकी बात है, कोई कहीं भी जाए वह उनकी मर्ज़ी है। इसपर राजनीति नहीं करनी चाहिए। ऐसी बातें पुराने क्रिकेटर से सुनना बहुत दुखद है। यह बहुत बड़ी बात है कि देश विश्व कप जीता है, इसपर राजनीति नहीं होनी चाहिए। कोई मंदिर जाए, मस्जिद जाए रास्ता एक ही है। वह उनकी आस्था है। किसी की आस्था पर ऐसे सवाल नहीं उठाना चाहिए”।

 

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