AI Impact Summit 2026: एआई यानी आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस की बढ़ती ताकत से हर देश प्रभावित है। एआई का वर्चस्व हर क्षेत्र में नजर आ रहा है। ऐसे में अमेरिका, चीन दुनिया के अन्य देशों को भारत पूरी प्रतिबद्धता के साथ चुनौती प्रदान कर रहा है।16 फरवरी से दिल्ली में आयोजित एआई इम्पैक्ट समिट 2026 इसका ताजा उदाहरण है। इंडिया में इनोवेशन, नए आइडिए और मजबूत इरादों की कोई कमी नहीं है। ऐसे में मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्स यानी ट्विटर पर एआई समिट में देश की एआई क्षमता को सराहा और एआई के भविष्य को बनाने में भारतीय टैलेंट की क्षमता को देखा।
AI Impact Summit 2026 के एक्सपो में पीएम मोदी ने कही यह बात
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्स पर लिखा, ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट एक्सपो 2026 आइडिया, इनोवेशन और इरादे का एक जबरदस्त मेल था। इसने दुनिया की भलाई के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के भविष्य को बनाने में भारतीय टैलेंट की जबरदस्त क्षमता को दिखाया। सबसे बढ़कर, इसने इंसानी तरक्की के लिए एआई का जिम्मेदारी से, सबको साथ लेकर और बड़े पैमाने पर इस्तेमाल करने के हमारे कमिटमेंट को फिर से पक्का किया। यहां खास बातें हैं।’
India AI Impact Expo 2026 was a powerful convergence of ideas, innovation and intent.
It showcased the extraordinary potential of Indian talent in shaping the future of Artificial Intelligence for global good.
Above all, it reaffirmed our commitment to harnessing AI… pic.twitter.com/jfVWCP4BHh
— Narendra Modi (@narendramodi) February 17, 2026
इससे पहले, पीएम मोदी ने कहा, ‘बुद्धिमत्ता, तर्कशीलता और निर्णय-क्षमता विज्ञान और टेक्नोलॉजी को जन-जन के लिए उपयोगी बनाती हैं। इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट का उद्देश्य भी यही है कि कैसे एआई का इस्तेमाल सर्वजन के हित में हो।’
एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में केंद्रीय मंत्री बोले- ‘भारत पूरी दुनिया के लिए सर्विस प्रोवाइडर होगा’
वहीं, दिल्ली के भारत मंडपम में 5 दिवसीय कार्यक्रम के दूसरे दिन भारत के देसी एआई सर्वम एआई और आईआईटी बॉम्बे का भारतजेन जैसे कई स्टार्टअप अपने एलएलएम मॉडल पेश करेंगे। इसके अलावा, बीते दिन कई केंद्रीय मंत्रियों ने भी एआई एक्सपो में भाग लिया। इसमें इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी केंद्रीय राज्य मंत्री जितिन प्रसाद का नाम भी शामिल है। जितिन प्रसाद ने कहा, ‘एआई सिर्फ भारत के लिए नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के लिए है। भारत पूरी दुनिया के लिए सर्विस प्रोवाइडर होगा। हमें डेवलपमेंट में डेवलपिंग दुनिया के साथ-साथ ग्लोबल साउथ में भी योगदान देना है।’
