DNP India Hindi

AI Impact Summit 2026: क्या एआई छीन लेगा नौकरियां? PM Modi ने दिया डर दूर करने का मंत्र, बोले- ‘सरकार एआई से चलने वाले भविष्य के लिए…’

AI Impact Summit 2026

Photo Credit: Google

AI Impact Summit 2026: राजधानी दिल्ली में 5 दिवसीय एआई इम्पैक्ट समिट 2026 जारी है। इस दौरान दुनियाभर के 100 से अधिक देश इसमें भाग ले रहे हैं। साथ कई टेक कंपनियों के प्रमुख भी शामिल हो रहे हैं। दिल्ली के भारत मंडपम में एआई के महाकुंभ में इनोवेशन, नए आइडिए और एआई पावर्ड डिवाइसों को प्रदर्शित कर रही हैं। बीते दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एआई की बढ़ती ताकत और इससे लोगों के बीच अपनी नौकरी जाने के डर पर सरकार क्या कर रही है? इस पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी है।

AI Impact Summit 2026 में पीएम मोदी बोले- ‘तैयारी ही डर का सबसे अच्छा इलाज’

पीएम नरेंद्र मोदी ने एआई इम्पैक्ट समिट 2026 के दौरान कहा, सरकार एआई से चलने वाले भविष्य के लिए लोगों की स्किलिंग और री-स्किलिंग में इन्वेस्ट कर रही है।सरकार ने दुनिया की सबसे बड़ी स्किलिंग पहलों में से एक शुरू की है। हम इसे भविष्य की समस्या के तौर पर नहीं देख रहे हैं, बल्कि इसे अभी की जरूरत मान रहे हैं। तैयारी ही डर का सबसे अच्छा इलाज है।’

उन्होंने कहा, ‘वह एआई को एक फोर्स मल्टीप्लायर के तौर पर देखते हैं, यह उन सीमाओं को आगे बढ़ाने में मदद करेगा जो हमने सोचा था कि मुमकिन हैं। एआई डॉक्टरों, टीचरों और वकीलों के साथ-साथ दूसरों को भी अधिक लोगों तक पहुंचने और उनकी मदद करने में मदद कर सकता है।’

एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में पीएम मोदी ने कहा- ‘2025 में भारत तीसरे नंबर पर था’

पीएम मोदी ने एआई इम्पैक्ट समिट 2026 के दौरान कहा, ‘स्टैनफोर्ड ग्लोबल एआई वाइब्रेंसी इंडेक्स 2025 में भारत तीसरे नंबर पर था, जो एआई, आर एंड डी टैलेंट और इकॉनमी में मजबूत ग्रोथ को दिखाता है। उन्होंने भरोसा जताया कि एआई इनोवेशन और इनक्लूजन को मिलाकर भारत के वर्कफोर्स को मजबूत करेगा।’

उन्होंने आगे कहा, ‘आत्मनिर्भर भारत की ओर हमारा सफर एक बुनियादी सिद्धांत पर बना है, भारत को सिर्फ टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए, बल्कि उसे बनाना चाहिए। आत्मनिर्भर भारत में एआई के लिए मेरा विजन तीन पिलर्स पर टिका है। सॉवरेनिटी, इनक्लूसिविटी और इनोवेशन। मेरा विजन है कि भारत दुनिया भर में टॉप तीन एआई सुपरपावर्स में से एक हो, सिर्फ एआई के इस्तेमाल में ही नहीं, बल्कि बनाने में भी।’

Exit mobile version