AI in Cyber Security: एआई मतलब आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस अब सिर्फ एक तकनीक नहीं, बल्कि लोगों की लाइफ में बढ़ता हुआ अहम हिस्सा साबित हो रहा है। कई एआई टूल्स लोगों की डेली जिंदगी को प्रभावित कर रहे हैं। ऐसे में आपने अभी तक अगर एआई टूल का इस्तेमाल किया है, तो आप जानते होंगे इसकी क्षमता कितनी है। ऐसे में क्या एआई टूल्स के जरिए साइबर सेफ्टी को बढ़ाया जा सकता है? तो इसका जवाब है, हां, एआई टूल्स की बढ़ती पहुंच ने साइबर अपराधियों के कई कामों को आसान बना दिया। मगर इसका दूसरा पक्ष है कि इसका लाभ भी उठाया जा सकता है।
AI in Cyber Security: बढ़ती पावर का ऐसे उठा सकते हैं फायदा
यह तो आप जानते ही होंगे कि भारत में पिछले कुछ सालों में साइबर ठगी के मामलों में काफी तेजी देखी गई है। ऐसे में एआई की ताकत साइबर हमलों को रोक सकती है।इंटरनेट पर मौजूद जानकारी के मुताबिक, एआई सिस्टम साइबर हमलों को रोकने के लिए कई बातों पर गौर करता है। साइबर सिस्टम में सामान्य नेटवर्क ट्रैफिक कैसा होता है और साथ ही इस दौरान लोगों का व्यवहार कैसा है। ऐसे में अगर एआई पावर्ड सिस्टम को कुछ भी अजीब लगता है, तो वह साइबर सुरक्षा अधिकारी को अलर्ट कर देता है।
आजकल साइबर अपराध किसी मैलवेयर या फिर फिशिंग तरीके से की जाती है। इसमें कॉल, एसएमएस और लिंक्स का इस्तेमाल सबसे ज्यादा होता है। ऐसे में एआई साइबर सुरक्षा देने के लिए अनजान कॉल, एसएमएस और लिंक्स का गहन एनालिसिस करता है। इससे नकली बैंक ईमेल, ओटीपी और देश में होने वाले यूपीआई ठगी के मामलों को कम किया जा सकता है।
साइबर सुरक्षा में एआई दे सकता है अहम योगदान
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि भारत में साइबर हमलों को रोकने के लिए एआई का इस्तेमाल किया जा रहा है। देश के कई बैंकों और डिजिटल पेमेंट सिस्टम, कई सरकारी नेटवर्क, जिसमें सरकार के अहम मंत्रालय शामिल है, क्लाउड और डेटा सेंटर और सोशल मीडिया पर सरकार एआई बॉट्स के माध्यम से साइबर सुरक्षा देने का काम कर रही है।
एआई से साइबर सुरक्षा हासिल की जा सकती है, मगर इसके लिए कुछ चीजों को बड़े स्तर पर लागू करना होगा। हर राज्य की पुलिस स्कैम नेटवर्क मैप तैयार कर सकती है। साथ ही बार-बार इस्तेमाल होने वाले खातों को पकड़ सकती है। साइबर सुरक्षा में एआई की भूमिका बढ़ाने के लिए एआई का सख्त कानून बनाना होगा, जोकि एआई पावर्ड फास्ट ट्रैक कोर्ट के रूप में काम करें। साथ ही हर भाषा में क्षेत्रीय आधार पर आम लोगों के बीच साइबर सुरक्षा के लिए जागरुकता बढ़ानी होगी।
