AI Impact Summit: एआई महाकुंभ नाम पढ़कर अगर आप धोखा खा गए हैं, तो आपको बता दें कि आने वाले कुछ दिनों में दिल्ली में एआई सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। भारत समेत दुनियाभर में एआई यानी कृत्रिम बुद्धिमत्ता के अच्छे प्रभाव और इसकी प्रगति पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। यह तो आप जानते ही होंगे कि एआई अब हर क्षेत्र में अपनी क्षमता का प्रदर्शन कर रहा है। मगर एआई के खतरे और एआई से इंसानों को होने वाले खतरों के बारे में भी विचार किया जा सकता है।
AI Impact Summit क्या है पूरा प्रोग्राम
राजधानी दिल्ली के प्रगति मैदान स्थित भारत मंडपम में 15–20 फरवरी के आसपास एआई इम्पैक्ट समिट 2026 का कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। जानकारी के मुताबिक, इस एआई समिट को अब तक का सबसे बड़ा अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन माना जा रहा है। ऐसे में दिल्ली में टेक्नोलॉजी और नीति के नेताओं, शोधकर्ताओं और व्यवसायी का मंच लगाया जाएगा, जहां पर भारत के साथ दुनियाभर के दिग्गज अपनी-अपनी राय रखेंगे। इस मेगा आयोजन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुकेश अंबानी सहित बिल गेट्स, सुंदर पिचाई जैसे दिग्गजों के आने की उम्मीद है।
भारत दुनिया को दिखाएगा अपनी AI ताकत
एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में दुनियाभर से आने वाले कई दिग्गज भारत की एआई क्षमता को देखेंगे। पिछले कुछ सालों में भारत में एआई का विकास और प्रचार काफी तेजी से हुआ है। इसके अलावा, भारत सरकार ने अपनी एआई की नीति और भविष्य में इससे होने वाले फायदों का लाभ उठाने की तैयारी शुरू कर दी है।
जानकारी के मुताबिक, एआई समिट के दौरान भारत एआई सेक्टर में अपना वैश्विक सहयोग और निवेश बढ़ाने की रणनीति दिखा सकता है। साथ ही एआई सेक्टर नौकरियों, स्टार्टअप और शिक्षा के अवसरों पर भी इंडिया विस्तार से चर्चा कर सकता है। इसके अलावा, भारत समाज-हित और नैतिक एआई समाधानों पर भी अपना पक्ष दुनिया के समक्ष रख सकता है। बताया जा रहा है कि एआई समिट के दौरान 30 देशों के 300 से अधिक प्रदर्शक आएंगे।
इंडिया एआई मिशन और दुनिया को हिंदी-तमिल में एआई सिखाने का सपना
एआई महासम्मेलन के दौरान भारत अपने इंडिया एआई मिशन को आगे बढ़ाने की रणनीति दुनिया के समक्ष रखेगा। बताया जा रहा है कि भारत सरकार ने अगले 5 सालों के दौरान 10300 करोड़ रुपये से अधिक का बजट जारी किया गया है। ताकि 38000 जीपीयू को स्थापित किया जाए। इन जीपीयू से एआई ट्रेनिंग, एआई विकास और एआई इनोवेशन पर सबसे अधिक जोर दिया जाएगा। साथ ही भारत इस एआई सम्मेलन में भाषा आधारित एआई पर भी जोर दे रहा है। इसमें हिंदी और तमिल जैसी क्षेत्रीय भाषाओं में एआई टूल्स को विकसित किया जाएगा।






