AI Tools: एआई यानी आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस का उपयोग लगातार बढ़ रहा है। नए-नए एआई मॉडल्स मार्केट में एंट्री ले रहे हैं। ऐसे में अब एआई का इस्तेमाल एजुकेशन या फोन तक सीमित नहीं रह गया है। बल्कि बहुत सारे लोग एआई टूल्स के जरिए अपने निवेश की योजना भी बना रहे हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या एआई टूल्स की सलाह पर निवेश के फैसले लेने चाहिए? अगर आप भी एआई टूल्स की सहायता से इन्वेस्टमेंट करते हैं, तो आपको इस बारे में जानना चाहिए। ताकि आपको किसी भी तरह का आर्थिक नुकसान न हो।
AI Tools से निवेशकों को मिलते हैं कई फायदे
निवेश के लिए एआई टूल्स का इस्तेमाल करना कई तरह से फायदेमंद साबित हो सकता है।
- इंसानों के मुकाबले एआई टूल्स काफी जल्दी डेटा एनालिसिस कर सकते हैं। जहां पर इंसान अपनी समझ और रिस्क फैक्टर को ध्यान में रखकर निवेश का निर्णय लेते हैं। मगर एआई टूल्स इन सभी फैक्टर्स से अलग होकर बहुत ही कम टाइम में तगड़ी जानकारी देते हैं।
- वहीं, एआई टूल्स इंसानों के मुकाबले किसी भी इमोशन से परे होते हैं। ऐसे में किसी भी लालच और डर की टेंशन नहीं रहती है।
- इसके साथ ही एआई टूल्स मार्केट के ट्रेंड को फॉलो करता है और उसी आधार पर निवेशकों को सही सलाह देता है।
- पोर्टफोलियो सेटअप करने के लिए एआई टूल्स किसी भी रिस्क और रिटर्न को संतुलन रखने की सलाह देता है।
भले ही निवेश के लिए कई सारे एआई टूल्स मार्केट में मौजूद हैं। मगर यह अभी शुरुआती स्टेज पर हैं। ऐसे में लोगों को निवेश के लिए एआई टूल्स से काफी फायदा हो सकता है।
एआई टूल्स मददगार, मगर निर्भरता पड़ सकती है भारी
इंसानों के मुकाबले एआई टूल्स काफी जल्दी निवेश की योजना प्रस्तुत कर सकते हैं। मगर एआई पुराने डेटा के आधार पर जानकारी प्रदान करता है। ऐसे में निवेशकों को कई जानकारी अधूरी और गलत भी मिल सकती है। साथ ही एआई टूल्स के जरिए बहुत सारे लोग निवेश की सलाह मांगते हैं, तो लगभग सभी को समान जानकारी मिलती है। इसके अलावा, किसी भी तरह के आर्थिक नुकसान की स्थिति में पूरी जिम्मेदारी यूजर की होती है। एआई टूल्स कोई जिम्मेदारी नहीं लेते हैं। ऐसे में निवेश के लिए एआई टूल्स की सहायता लेना सही है। मगर एआई मॉडल्स पर पूरी तरह से निर्भर होना बहुत भारी पड़ सकता है।
