ChatGPT: ओपनएआई के स्वामित्व वाला चैटजीपीटी भारत में बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया जाता है। यूजर्स को कुछ भी सर्च करना है, या फिर किसी कठिन सवाल का जवाब तलाशना है, तो लोग चैटजीपीटी की मदद लेते हैं। ऐसे में लोगों की निर्भरता इस चैटबॉट पर काफी ज्यादा हो गई है। ऐसे में अगर आप भी इस एआई मॉडल पर काफी अधिक डिपेंड रहते हैं, तो आपके लिए खास जानकारी है। दरअसल, हाल ही ओपनएआई ने अमेरिकी रक्षा विभाग के साथ एक स्पेशल डील की है। ऐसे में रिपोर्ट्स में बताया जा रहा है कि टेक कंपनी के ताजा फैसले से यूजर्स को काफी नुकसान उठाना पड़ सकता है।
ChatGPT को डिवाइस से हटाने के प्रमुख कारण
कई यूजर्स अपनी प्राइवेसी को लेकर चिंतित रहते हैं और अपनी पर्सनल चैट्स को सुरक्षित रखना चाहते हैं। ऐसे में आपको चैटजीपीटी को अपने डिवाइस से हटा देना चाहिए।
- अगर आप चैटजीपीटी का कम इस्तेमाल करते हैं, तो इसके ऐप को डिवाइस में रखने की जरूरत नहीं है। साथ ही कई यूजर्स के डिवाइस में स्टोरेज की दिक्कत होती है। ऐसे में इसके ऐप को रखने की जरूरत नहीं है। आप इसे वेबसाइट पर जाकर भी यूज कर सकते हैं।
- इसके अलावा, अगर आपको अपनी निजता की चिंता है, तो भी इसका इस्तेमाल बंद कर सकते हैं। दरअसल, ओपनएआई यूजर्स के डेटा को अपने मॉडल्स को ट्रेनिंग देने के लिए यूज करती है। साथ ही चैट्स का लीक होने का खतरा बना रहता है।
- वहीं, इस एआई मॉडल के इस्तेमाल से फोन या टैबलेट की बैटरी और परफॉर्मेंस पर भी बुरा प्रभाव पड़ता है। ऐसे में आपको इसके ऐप को अपने डिवाइस से डिलीट कर देना चाहिए।
चैटजीपीटी के बजाय आप कई अन्य एआई मॉडल्स का उपयोग कर सकते हैं। इससे आपको प्राइवेसी और चैट लीक होने का डर खत्म हो सकता है।
चैटजीपीटी पर कैसे सेफ रख सकते हैं अपनी चैट्स
वहीं, अगर आप चैटजीपीटी ऐप को अपने डिवाइस से नहीं हटाना चाहते हैं, तो आप कुछ खास तरीकों को अपना सकते हैं। कुछ टिप्स के जरिए आप अपनी चैट्स को सेफ कर सकते हैं। अक्सर लोग एआई मॉडल के साथ चैट करने के बाद उसका लिंक जेनरेट कर लेते हैं। अगर आपने उस लिंक को शेयर कर दिया, तो दिक्कत बढ़ सकती है। इस वजह से ऐसा करने से बचना चाहिए। इसके साथ ही कभी भी इस एआई टूल के साथ अपनी निजी जानकारियों को साझा करने से बचना चाहिए। साथ ही इस टूल पर किसी संवेदनशील दस्तावेज को अपलोड न करें। वरना आपकी मुश्किलों में बढ़ोतरी हो सकती है।
