Smartphone Chip: एआई चिप्स की मांग जितनी तेजी से बढ़ रही है, उतना ही यह भारत के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है। भले ही सेमीकंडक्टर सेक्टर में इंडिया काफी पीछे हो, मगर केंद्र सरकार की हालिया योजनाओं पर गौर करें, तो साफ है कि सेमीकंडक्टर सेक्टर को अगले कुछ सालों में तेज गति मिलने की संभावना है। ऐसे में स्मार्टफोन्स में लगने वाली चिप्स का निर्माण अब भारत में शुरू होगा। इससे देश के सेमीकंडक्टर मार्केट को काफी बूस्ट मिलने की उम्मीद है। वहीं, रविवार को पेश हुए केंद्रीय बजट में सरकार ने बड़ा ऐलान किया है।
क्या है स्मार्टफोन चिप का मतलब
फरवरी से भारत में पहले कमर्शियल सेमीकंडक्टर चिप प्लांट का निर्माण शुरु होने वासा है। हालांकि, अभी तक यह साफ नहीं है कि यह प्रोसेसर फोन में इस्तेमाल होने वाली चिप की जगह लेगा या नहीं। वर्तमान में एप्पल, क्वालाकॉम और मीडियाटेक के प्रोसेसर फोन में इस्तेमाल होते हैं। भारत ने बीते साल सितंबर में विक्रम 32 माइक्रोचिप का निर्माण किया था। ऐसे में इसका काम स्पेस के लिए होना है।
भारत का सेमीकंडक्टर मिशन
इंडिया ने साल 2021 में भारत के सेमीकंडक्टर मिशन को शुरू किया था। इसका मुख्य मकसद सेमीकंडक्टर और डिस्प्ले इकोसिस्टम को मजबूत करना था। सरकार का लक्ष्य है कि भारत को चिप डिजाइन और फैब्रिकेशन में ग्लोबल लीडर बनाना। इसे भारत के आत्मनिर्भर की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।
मेक इन इंडिया
भारत के सेमीकंडक्टर मिशन को मेक इन इंडिया मुहिम से जोड़कर सेमीकंडक्टर मार्केट को आत्मनिर्भर बनाया जा सकता है। यही वजह है कि फरवरी में पहला कमर्शियल चिप प्लांट स्टार्ट होने वाले है। बताया जा रहा है शुरुआती में कुछ खास तरह की चिप्स का निर्माण किया जाएगा। जैसे- आईटी, एआई और टेक इंडस्ट्री के लिए। इसके बाद कंज्यूमर इलेक्ट्रिक्स और स्मार्टफोन के लिए।
स्मार्टफोन की कीमतों पर असर
रिपोर्ट्स के मुताबिक, स्मार्टफोन्स में मौजूदा दौर में भी कई तरह की चिप का इस्तेमाल होता है। ऐसे में भविष्य में स्मार्टफोन की कीमतों पर असर पड़ सकता है। बताया जा रहा है कि अधिक चिप्स के उपयोग से फोन की कीमतों में इजाफा देखने को मिल सकता है।
अश्विनी वैष्णव का ऐलान, भारत में पहला कमर्शियल चिप प्लांट का क्या मतलब है?
भारत के आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इसी साल जनवरी में कहा था कि इंडिया में फरवरी में पहला कमर्शियल चिप प्लांट शुरू हो जाएगा। ऐसे में यह प्लांट चिप का निर्माण करेगा, जोकि सेमीकंडक्टर मार्केट के लिए काफी अच्छी खबर है। ऐसे में भारत तकनीकी तौर पर आत्मनिर्भर बनेगा। साथ ही इस सेक्टर में रोजगार के कई अवसर मिलेंगे।
