Budget 2026 के माध्यम से क्या आम लोगों को मिला तोहफा या हाथ लगी निराशा? प्रतिक्रिया जान समझ जाएंगे सबकुछ

Budget 2026 के माध्यम से केन्द्र सरकार ने आम लोगों को क्या कुछ दिया है इसकी खूब चर्चा है। क्या आम लोगों को तोहफा मिला है या उन्हें निराशा हाथ लगी है। ऐसे तमाम सवाल हैं जो लोगों की प्रतिक्रिया के बीच उठ रहे हैं।

Budget 2026: जिसका इंतजार सभी देशवासियों को था वो घड़ी आ गई है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने देश के समक्ष बजट 2026 पेश कर दिया है। सत्ता पक्ष से जुड़े लोग इसे विकसित भारत का बजट बता रहे हैं। वहीं विपक्ष इस बजट को सामान्य बताकर इसकी आलोचना कर रहा है। इन सबके बीच आम आदमी की प्रतिक्रिया क्या है इस पर सबकी निगाहें हैं।

ऐसे लोग जो राजनीति से प्रेरित नहीं हैं वे बजट 2026 पर क्या प्रतिक्रिया दे रहे हैं ये देखना खास है। आम लोगों के मुताबिक सरकार ने बजट के माध्यम से उन्हें तोहफा दिया है या निराशा हाथ लगी है। ऐसे में आइए हम आपको आम लोगों की प्रतिक्रिया बताते हैं, ताकि सबकुछ आसानी से समझा जा सके।

संसद में पेश हुए Budget 2026 पर आम लोगों की राय!

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर प्रतिक्रियाओं की भरमार है। भारी संख्या में एक्स यूजर्स बजट 2026 पर अपनी राय दे रहे हैं।

अक्षय देशपांडे नामक यूजर लिखते हैं कि “आज बजट बहुत ही बढ़िया ढंग से प्रस्तुत किया गया है। बजट को सभी मापदंडों पर सरल बनाया गया है, जिनमें सबसे महत्वपूर्ण आयकर है, जो जनता के लिए बेहद अहम है। यह करदाताओं के लिए अच्छा है, लेकिन जो कर नहीं देते उनके लिए बुरा है।”

मोहम्मद फैजल अली लिखते हैं कि “बजट से स्मार्टफोन उद्योग के साथ-साथ अन्य उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पाद निर्माताओं को भी निराशा हुई है। क्योंकि आपूर्ति श्रृंखला में मौजूदा अस्थिरता से निपटने के लिए अपेक्षित वित्तीय सहायता का कोई प्रावधान नहीं है, जिससे कीमतों की भविष्यवाणी करना मुश्किल हो रहा है। अब बाजार में गिरावट अपरिहार्य है।”

इंडियन सेंचुरी नामक एक्स हैंडल से लिखा गया है कि “मध्यम वर्ग की फिर से अनदेखी – कोई वास्तविक कर राहत नहीं। मुद्रास्फीति की मार अनसुलझी – कीमतें बढ़ती जा रही हैं। रोजगार सृजन की बातें, लेकिन जमीनी हकीकत में कमजोर। लघु एवं मध्यम उद्यम अभी अनुपालन और ऋण संकट से जूझ रहे हैं। पूंजीगत व्यय की सुर्खियां, लेकिन समयसीमा अभी भी अनिश्चित। यह बजट कागज पर तो मजबूत दिखता है, लेकिन आम लोगों पर इसका असर कमजोर है।”

फिरोज अजीज़ लिखते हैं कि “बजट एक अनुशासित और सुनियोजित दृष्टिकोण को दर्शाता है। दीर्घकालिक विकास स्थिरता और नीतिगत निरंतरता पर विशेष ध्यान दिया गया है। बाजार अब घोषणाओं से आगे बढ़कर समय के साथ होने वाले क्रियान्वयन पर नजर रखेंगे।”

शिवम भगत लिखते हैं कि “बिलकुल कल्पनाहीन बजट। रक्षा और कृषि के लिए कुछ नहीं। प्रतिभूति कर में अनावश्यक वृद्धि। शेयर बाजार लगातार गिर रहे हैं।”

बजट में क्या कुछ है खास?

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट पेश कर देश की जनता के लिए कई अहम ऐलान किया है। नए बजट में कनेक्टिविटी को बढ़ावा देने के लिए 7 हाई स्पीड रेल कॉरिडोर बनाने का ऐलान हुआ है। इससे इतर नए फ्रेट लिंक और 20 राष्ट्रीय जलमार्गों का प्रस्ताव भी है। उद्योग को गति देने के लिए सेमीकंडक्टर और अन्य अहम खनिजों की प्रोसेसिंग में इस्तेमाल होने वाली वस्तुओं पर आयात छूट दी गई है।

लिथियम आयन बैटरी बनाने में इस्तेमाल होने वाली वस्तुओं पर सीमा शुल्क में छूट का ऐलान हुआ है, ताकि बैटरी सस्ती हो। इसके अलावा पर्यावरण-अनुकूल पर्यटन और प्रकृति-आधारित यात्रा पर भी जोर दिया गया है। साथ ही कैंसर और अन्य गंभीर रोगों की दवाओं पर कस्टम ड्यूटी कम कर विदेशी टूर पैकेज पर TCS 2 फीसदी घटाया गया है। इससे इतर भी कई अन्य प्रमुख ऐलान हुए हैं जिसका सीधा असर देश की आम जनता पर पड़ेगा।

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