Balochistan News: बलूच लिबरेशन आर्मी (बीएलए) के लड़ाकों के सामने पाकिस्तानी सैनिकों की हालत दिन-ब-दिन बदतर होती जा रही है। पिछले 17 घंटों में बीएलए के लड़ाकों ने ऐसा कहर बरपाया है कि पाकिस्तानी सैनिकों के लिए अब बलूचिस्तान कब्रिस्तान बन गया है। बलूच लिबरेशन आर्मी के लड़ाकों ने एक साथ 12 शहरों में पाकिस्तानी सेना पर हमला किया है। जिसमें 27 पाक सुरक्षाकर्मियों के मारे जाने की पुष्टि हो चुकी है।
वहीं, बीएलए का दावा है कि उसने 84 पाक सुरक्षाकर्मियों को मार गिराया है। यह तब हुआ जब पाकिस्तानी सेना बलूचिस्तान में बलूच विद्रोहियों के खिलाफ ऑपरेशन चला रही थी। पाकिस्तानी सैनिकों ने दावा किया था कि 70 से ज़्यादा बलूच स्वतंत्रता सेनानी मारे गए हैं। इसके बाद बलूच बागियों ने एक साथ 12 शहरों में पाकिस्तानी सेना पर बड़ा हमला बोल दिया। मारे गए 84 लोगों में ज्यादातर पाकिस्तानी मिलिट्री, पुलिस, इंटेलिजेंस एजेंसियों और काउंटर-टेररिज्म यूनिट्स के लोग शामिल बताए जा रहे हैं।
Balochistan News: बलूच विद्रोहियों ने 84 पाक सैनिकों को मार गिराया!
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, बलूच लिबरेशन आर्मी पिछले 17 घंटों से बलूचिस्तान के अलग-अलग हिस्सों में ज़ोरदार हमले कर रही है। सुबह 6 बजे से शाम 4 बजे तक, बीएलए के लड़ाकों की ओर से बलूचिस्तान के 11 शहरों, जिनमें क्वेटा, नोशकी, मस्तुंग, दलबांदिन, कलात, खारान, पंजगुर, पसनी,लासबेला, तुरबत और ग्वादर में दुश्मन के सैन्य, प्रशासनिक और सुरक्षा ढांचों को एक साथ निशाना बनाया गया है।
रिपोर्ट में बताया गया है कि, बीती रात बलूच विद्रोहियों ने ग्वादर पोर्ट पर भी बड़ा हमला किया, जिससे पाकिस्तानी सैनिक बेबस दिखा। सिबी में कमिश्नर के हेडक्वार्टर पर हमले की खबरें भी मीडिया में आईं। द बलूचिस्तान पोस्ट के अनुसार, ये इलाके पाकिस्तानी सरकार के लिए अहम मिलिट्री और प्रशासनिक केंद्र माने जाते हैं। अपने बयान में, बलूच बागियों ने दावा किया कि ऑपरेशन के दौरान पाकिस्तानी सुरक्षा बलों के कम से कम 84 सदस्य मारे गए, जबकि कई अन्य घायल हो गए। ग्रुप ने यह भी दावा किया कि हमलों के दौरान 18 सुरक्षाकर्मियों को बंदी बनाया गया।
बलूचिस्तान न्यूज़: क्या बोले बलूच लिबरेशन आर्मी के प्रवक्ता?
बलूच लिबरेशन आर्मी की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है कि ऑपरेशन के दौरान 30 से ज़्यादा सरकारी संपत्तियों पर कब्ज़ा किया गया और उन्हें नष्ट कर दिया गया। इन संपत्तियों में बैंक, सरकारी दफ़्तर और जेल शामिल थे। इसके अलावा, 23 से ज़्यादा दुश्मन गाड़ियों में आग लगा दी गई। बयान में आगे कहा गया कि,” ऐसे अब कई शहर हैं जहां प्रशासनिक ढांचों पर सीधे दबाव के कारण दुश्मन की स्थिति कमज़ोर हो गई है।”
बीएलए ने कहा है कि, ”दुश्मन की सेना और पुलिस बलों को शहरी इलाकों से पीछे हटने पर अब मजबूर होना पड़ा है। यह ध्यान दिया जाना चाहिए कि यहाँ “दुश्मन सेना” का मतलब पाकिस्तानी सेना है।” बलूच लिबरेशन आर्मी के प्रवक्ता गियांद बलूच ने कहा कि, बीएलए के लड़ाके पूरे बलूचिस्तान में मज़बूत नियंत्रण बनाए हुए हैं और दुश्मन के खिलाफ़ ऑपरेशन जारी रहेंगे। ऑपरेशन हेरॉफ़ फ़ेज़ 2.0 जारी है, और उम्मीद है कि जैसे-जैसे स्थिति बदलेगी, ज़मीन पर लड़ाकों की संख्या बढ़ेगी।
