Nvidia Chips for AI: अमेरिका अपनी ताकत का लगातार प्रदर्शन कर रहा है। वेनेजुएला संकट हो, या फिर ईरान में बढ़ता तनाव, अमेरिका अपनी हाजिरी लगातार दर्ज करा रहा है। बीते साल अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत समेत कई देशों पर भारी भरकम टैरिफ लगाया था। इसके बाद कई देशों के निर्यात पर बुरा प्रभाव देखने को मिला। ऐसे में अब यूएस प्रेसिडेंट ने अपने ही देश की चिप मेकर कंपनी एनवीडिया पर 25 फीसदी टैरिफ लगा दिया है। साथ ही कई अन्य सेमीकंडक्टर कंपनियों को भी लपेटे में लिया है।
Nvidia Chips for AI: अमेरिका ने लगाया 25 फीसदी का टैरिफ
अमेरिका के व्हाइट हाउस ने बताया कि यूएस प्रेसिडेंट ने सेमीकंडक्टर इंपोर्ट से होने वाले राष्ट्रीय सुरक्षा के खतरे को देखते हुए एनवीडिया चिप्स समेत कई सेमीकंडक्टरों पर 25 फीसदी का टैरिफ लगाया गया है।
अमेरिकी व्हाइट हाउस ने अपनी एक्स पोस्ट में कहा, ‘कल, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सेमीकंडक्टर इंपोर्ट से होने वाले नेशनल सिक्योरिटी रिस्क को खत्म करने के लिए एक प्रोक्लेमेशन पर साइन किए – जिससे घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को सपोर्ट मिलेगा, सप्लाई चेन मज़बूत होंगी, और अमेरिका का टेक्नोलॉजिकल भविष्य सुरक्षित होगा।’
एआई के लिए एनवीडिया चिप्स: क्यों लिया गया यह बड़ा फैसला
अमेरिकी व्हाइट हाउस के मुताबिक, 1962 के ट्रेड एक्सपेंशन एक्ट के सेक्शन 232 के तहत नौ महीने की जांच के बाद यह निर्णय लिया गया है। अमेरिकी प्रशासन ने कुछ खास परफॉर्मेंस बेंचमार्क वाले कई हाई-एंड सेमीकंडक्टर और उनमें इस्तेमाल होने वाले डिवाइस पर इंपोर्ट ड्यूटी लगाई है। माना जा रहा है कि इस फैसले के बाद एआई चिप निर्माता कंपनियां अमेरिका में ही अधिक सेमीकंडक्टर का निर्माण किया जाएगा। साथ ही ताइवान जैसे देशों पर अमेरिकी निर्भरता में कमी आने की संभावना है।
बताया गया है कि वर्तमान में अमेरिका अपनी जरूरत का सिर्फ 10 फीसदी ही सेमीकंडक्टर चिप्स का निर्माण करता है। ऐसे में अमेरिका अधिकतर चिप निर्माण के लिए विदेशी सप्लाई पर निर्भर है। ऐसे में इसे अमेरिका के लिए बड़ा आर्थिक नुकसान और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए अहम खतरा माना जा रहा है।
दुनिया में शुरू होगी एआई चिप्स की नई जंग?
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि अमेरिका ने Nvidia H200 AI प्रोसेसर और AMD के MI325X सेमीकंडक्टर पर 25 फीसदी का टैरिफ लगाया है। मालूम हो कि दुनियाभर में Nvidia, AMD और Intel जैसी अमेरिकी कंपनियां सबसे अधिक इस्तेमाल होने वाली कई चिप्स डिजाइन करती है। अधिकतर एआई चिप्स को विदेश में तैयार किया जाता है। ताइवान सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग कंपनी का इसमें अहम योगदान रहता है। ऐसे में ट्रंप द्वारा 25 फीसदी टैरिफ लगाने से एआई चिप्स मार्केट में नई जंग देखने को मिल सकती है।
क्या होता है सेमीकंडक्टर और किसके लिए पड़ती है जरूरत
आपकी जानकारी में इजाफे के लिए बता दें कि सेमीकंडक्टर एक ऐसा पदार्थ होत है, जिसमें बिजली चालकता यानी इलेक्ट्रिक कंडक्टविटी चालकों और कुचालकों के बीच होती है, जो बिजली को रोक या प्रवाहित कर सकते हैं। सेमीकंडक्टर को आमतौर पर सिलिकॉन बेस्ड माइक्रोचिप बनाने का काम आते हैं। इनका सबसे ज्यादा इस्तेमाल स्मार्टफोन, कंप्यूटर, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और गाड़ियों में भी यूज होती है। इन्हें किसी भी डिवाइस का दिमाग भी कहा जा सकता है।
