Mojtaba Khamenei: मौलवी शासन से नहीं मिली आजादी! अली खामेनेई की मौत के बाद बेटे मोजतबा को कमान, क्या फिर तांडव मचाएगा अमेरिका?

अली खामेनेई की मौत के बाद उनके बेट Mojtaba Khamenei को ईरान की कमान सौंपी गई है। मोजतबा खामेनेई के चयन के साथ ये स्पष्ट है कि ईरानियों को अभी मौलवी शासन से मुक्ति नहीं मिलेगी।

Mojtaba Khamenei

Picture Credit: गूगल (सांकेतिक तस्वीर)

Mojtaba Khamenei: मिडिल ईस्ट में बसे ईरान में तख्तापलट का ख्वाब देख रहे अमेरिका को झटका लगा है। अली खामेनेई के मौत के बाद उनके बेटे मोजतबा खामेनेई को ईरान का नया सुप्रीम लीडर बनाया गया है। असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स ने आज मोजतबा को ईरान का नया सर्वोच्च नेता चुना है। इसी के साथ ये लगभग स्पष्ट हो गया है कि ईरानियों को मौलवी शासन से मुक्ति नहीं मिलेगी।

मौलवी शासन के खिलाफ तेहरान की सड़कों पर उतरे ईरानी अब मोजतबा खामेनेई के अधीन शासन का हिस्सा रहेंगे। ऐसे में बड़ा सवाल है कि ईरान में तख्तापलट को आमादा हो चुका अमेरिका क्या फिर तांडव मचाएगा? क्या फिर डोनाल्ड ट्रंप आयातुल्ला अली खामेनेई के जैसे मोजतबा खामेनेई को नुकसान पहुंचाएंगे? आइए इन सवालों का जवाब देते हैं।

ईरानी सुप्रीम लीडर की मौत के बाद बेटे Mojtaba Khamenei को मिली कमान!

इसके आसार पहले ही व्यक्त किए जा रहे थे कि आयातुल्ला अली खामेनेई के बाद उनके बेटे मोजतबा खामेनेई ही ईरान के सुप्रीम लीडर होंगे। अली खामेनेई की मौत के बाद इस आसार पर मुहर लग गई है। ईरानी असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स ने आज मोजतबा खामेनेई को सर्वसम्मति के साथ ईरान का नया सुप्रीम लीडर चुन लिया है।

विशेषज्ञ सभा के चयन के साथ ही ये स्पष्ट हो गया है कि ईरानियों को अभी मौलवी शासन से मुक्ति नहीं मिलेगी। दरअसल, ईरान के लोग मौलवी शासन के खिलाफ सड़क पर उतरे थे। इस दौरान तेहरान से मशहद समेत विभिन्न शहरों में हिंसा हुई। भारी संख्या में लोग मारे गए। इसी में अमेरिका-ईरान के बीच तल्खियां बढ़ीं और फिर इजरायल ने खेल में एंट्री लेकर आयातुल्ला अली खामेनेई को मार गिराया।

आसार जताए गए कि अब ईरान को मौलवी शासन से मुक्ति मिलेगा। हालांकि, मोजतबा खामेनेई को ईरान का नया सुप्रीम लीडर चुन सभी कयासों पर विराम लगा दिया गया है। अब ये तय है कि ईरान में अभी मौलवी शासन का दौर जारी रहेगा।

तख्तापलट की चाहत रखने वाला अमेरिका क्या फिर मचाएगा तांडव?

अमेरिका शुरू से ही ईरान में मौलवी शासन को खत्म करने की चाहत रखता है। तेहरान में अली खामेनेई के खिलाफ शुरू हुए विरोध प्रदर्शन को अमेरिका का साथ मिला था। अमेरिका ने प्रदर्शनकारियों को संरक्षण देने और मौलवी शासन को झटका देने की बात कही थी। अली खामेनेई की मौत के बाद आसार जताए गए कि रजा पहलवी को ईरान की कमान सौंपी जाएगी। इसी के साथ तख्तापलट को लेकर कयासबाजी शुरू हो गई।

हालांकि, अब मोजतबा खामेनेई को चुनकर ईरानी विशेषज्ञ सभा ने स्पष्ट कर दिया है कि अभी मौलवी शासन का दौर जारी रहेगा। ऐसे में ये देखना दिलचस्प होगा कि अमेरिका आगे क्या रुख अपनाता है। क्या अली खामेनेई के जैसे मोजतबा खामेनेई को भी अमेरिकी हमलों का सामना करना पड़ता है? ऐसे तमाम सवाल हैं जिनका जवाब जानने के लिए उचित समय का इंतजार करना पड़ेगा।

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